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मंडी,
02 जून। भूकंप, बादल फटने और जंगल की आग जैसी आपदाओं पर राज्यव्यापी मेगा मॉक अभ्यास के 10वें संस्करण का आयोजन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में 15 जून को किया जा रहा है। इस संदर्भ में आज एक राज्य स्तरीय मार्गदर्शन एवं समन्वय कार्यशाला का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया, जिसमें उपायुक्त अपूर्व देवगन सहित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से जुड़े समस्त अधिकारियों एवं अन्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की ओर से मेजर जनरल सुधीर बहल (रि.) ने इस पूर्वाभ्यास के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
आगामी 15 जून को होने वाली मेगा मॉक एक्सरसाइज में राज्य के सभी 12 जिलों के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, संबंधित विभागों के अधिकारी और हितधारक, एनडीआरएफ, सशस्त्र बल, आईटीबीपी, भारतीय मौसम विभाग सहित विभिन्न केंद्रीय एजेंसियां भाग लेंगी। प्रातः 9 बजे से एक बजे तक तथा सायं 6.00 बजे से रात्रि 9.30 बजे तक यह पूर्वाभ्यास प्रस्तावित किया गया है। इस दौरान विशेष तौर पर वनों की आग, बादल फटने से बाढ़ तथा भूकंप जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया जाएगा। साथ ही सभी हितधारकों को मानक प्रक्रियाओं का पूर्वाभ्यास करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
पूर्वाभ्यास से पहले 12 जून को टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। इस दौरान जिला प्रशासन अपनी जिला आपदा प्रबंधन योजनाओं, नागरिक सुरक्षा तैयारियों और भूकंप प्रतिक्रिया कार्य योजनाओं पर संक्षिप्त प्रस्तुतियां देंगे। उन्होंने आपदा के दृष्टिगत बनावटी आपदा स्थलों की पहचान और तैयारी को लेकर सभी आवश्यक प्रबंध निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने का आग्रह किया।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और आईटीबीपी इत्यादि उपायुक्तों के समन्वय से निर्धारित स्थानों पर सिमुलेशन (बनावटी स्थल) की सुविधा प्रदान करेंगे। प्रत्येक सिमुलेशन स्थल पर पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाएगी जो अपनी अवलोकन रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में संबंधित राज्य एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को प्रस्तुत करेंगे।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस महत्वपूर्ण पूर्वाभ्यास में फील्ड स्तर पर अधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित करें। आपदा के दौरान उनकी प्रतिक्रिया आवश्यक रहती है और इस बारे में अपनी तैयारियां समय पर पूरी कर लें। उन्होंने कहा कि सभी को अपनी भूमिका और दायित्वों के बारे में स्पष्टता होनी आवश्यक है ताकि आपदा की स्थिति में और प्रभावी ढंग से राहत एवं बचाव कार्य पूरा किया जा सके।
आज की कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।






