लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल तारा हॉल में वार्षिक समारोह का भव्य आयोजन, ‘अ हार्ट रिबॉर्न’ ने दिया करुणा और मानवीय संवेदनाओं का संदेश

27 सितंबर, 2026 | खबर अभी-अभी | शिमला

शिमला। लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल, तारा हॉल, शिमला में रविवार को वार्षिक समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वप्रसिद्ध लेखक चार्ल्स डिकेंस की कालजयी कृति ‘अ क्रिसमस कैरल’ का प्रभावशाली नाट्य रूपांतरण ‘अ हार्ट रिबॉर्न’ शीर्षक से प्रस्तुत किया गया। नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से परिवर्तन, करुणा, उदारता और मानवीय संवेदनाओं के पुनर्जागरण का संदेश दिया गया।

समारोह में कक्षा छठी से दसवीं तक की 670 छात्राओं के साथ शिक्षक, अभिभावक, अभिभावक-शिक्षक संघ के सदस्य, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य और अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। संगीत, नृत्य, अभिनय और प्रभावशाली संवादों से सजी प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

‘अ हार्ट रिबॉर्न’ में एबेनेज़र स्क्रूज की जीवन-यात्रा को केंद्र में रखा गया। नाटक में एक कंजूस और आत्मकेंद्रित व्यक्ति के दयालु, उदार और संवेदनशील इंसान में बदलने की कहानी को प्रभावशाली ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया गया। छात्राओं ने अभिनय, नृत्य और संगीत के माध्यम से कहानी के विभिन्न भावों को जीवंत किया।

समारोह की मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के भाषा संकाय की अधिष्ठाता श्रीमती नीलिमा कंवर रहीं। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि वास्तविक समृद्धि केवल भौतिक संपत्ति में नहीं, बल्कि दयालुता, मानवीय संबंधों, उदारता और दूसरों की देखभाल में निहित है। स्क्रूज के परिवर्तन के माध्यम से यह भी दर्शाया गया कि व्यक्ति अपनी गलतियों को सुधारकर जीवन को नई दिशा दे सकता है और करुणा का मार्ग कभी भी अपनाया जा सकता है।

प्रस्तुति को वर्तमान जीवन की परिस्थितियों से भी जोड़ा गया। तनाव, प्रतिस्पर्धा, भौतिकवाद और सामाजिक एकाकीपन के बीच मानवीय संबंधों और सहानुभूति के महत्व को रेखांकित किया गया। दर्शकों को दूसरों के जीवन में आशा, प्रेम और दया का माध्यम बनने का संदेश दिया गया।

शिक्षा का उद्देश्य संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाना : नीलिमा कंवर

मुख्यातिथि श्रीमती नीलिमा कंवर ने छात्राओं और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता हासिल करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में चरित्र, करुणा, उत्तरदायित्व, सेवा-भाव और संवेदनशीलता का विकास करना भी है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक होती है, जब वह युवाओं को संवेदनशील, दयालु और जिम्मेदार इंसान बनने के लिए प्रेरित करे। उनका संबोधन कार्यक्रम की मूल भावना से जुड़ा रहा।

समारोह के दौरान विद्यालय प्रबंधन समिति की सचिव सिस्टर अपोलिना ने मुख्य अतिथि श्रीमती नीलिमा कंवर को सम्मानित किया।

कार्यक्रम का समापन विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती रितु शर्मा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, विशिष्ट अतिथियों और अभिभावकों का समारोह में उपस्थित होने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने छात्राओं, शिक्षकों, सहायक कर्मचारियों और आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के अथक परिश्रम एवं समर्पण की सराहना की।

वार्षिक समारोह छात्राओं की प्रतिभा और रचनात्मकता के प्रदर्शन के साथ-साथ लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल की शिक्षा और संस्कारों में निहित प्रेम, करुणा, सेवा, साहस और मानवीय संवेदनाओं का भी सुंदर प्रतिबिंब रहा।

नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों के सामने यह भावपूर्ण संदेश रखा कि हृदय में परिवर्तन कभी भी संभव है, जीवन को नई दिशा दी जा सकती है और प्रेम एवं दया का छोटा-सा प्रयास भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।

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