
12 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | सरकाघाट

सरकाघाट। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए पक्का और सुरक्षित मकान का सपना साकार करने में स्वर्ण जयंती आश्रय योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जरूरतमंद परिवारों को गृह निर्माण के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवा रही है।
स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत पात्र जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान बनाने के लिए 1.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। सरकाघाट उपमंडल में वित्तीय वर्ष 2023 से 2026 के दौरान योजना के तहत 51 पात्र परिवारों को प्रति लाभार्थी 1.50 लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी है। इस तरह इन परिवारों को कुल 76.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली है।
इस सहायता से कई परिवार कच्चे और जर्जर मकानों से निकलकर पक्के और सुरक्षित घरों में रह रहे हैं। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध करवाने के साथ उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।
कौन ले सकता है योजना का लाभ
स्वर्ण जयंती आश्रय योजना का लाभ हिमाचल प्रदेश के स्थायी निवासियों को निर्धारित पात्रता मानदंडों के आधार पर दिया जाता है। योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित ऐसे परिवार पात्र हैं, जिनकी वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक नहीं है। इसके अलावा लाभार्थी के नाम राजस्व अभिलेखों में मकान निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध होना भी आवश्यक है।
जर्जर मकान से पक्के घर तक पहुंचा साजू राम का परिवार
सैण गांव के लाभार्थी साजू राम बताते हैं कि उनका पुराना मकान काफी जर्जर हो चुका था। मकान का अधिकांश हिस्सा टूट-फूट जाने के कारण परिवार को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था।
पंचायत प्रधान के माध्यम से उन्हें स्वर्ण जयंती आश्रय योजना की जानकारी मिली। आवेदन स्वीकृत होने के बाद उन्हें 1.50 लाख रुपये की सहायता राशि मिली, जिससे उन्होंने दो कमरों का पक्का मकान तैयार करवाया। अब वह अपने परिवार के साथ नए मकान में सुरक्षित और खुशी से रह रहे हैं। उन्होंने इस सहायता के लिए प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया।
संतोष कुमार का भी पूरा हुआ पक्के घर का सपना
बाग गांव के संतोष कुमार को भी पंचायत के माध्यम से स्वर्ण जयंती आश्रय योजना की जानकारी मिली। योजना के तहत उन्हें 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली, जिससे उनका पक्का मकान तैयार हो चुका है।
संतोष कुमार के अनुसार इस योजना से उनके परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने गरीब और जरूरतमंद लोगों के उत्थान के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार जताया।
सोनू कुमार को मिला सुरक्षित आशियाना
सरकाघाट क्षेत्र के रसवान गांव के सोनू कुमार दिहाड़ी-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनका पुराना मकान काफी जर्जर हो चुका था, लेकिन सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण वह नया पक्का मकान बनाने में सक्षम नहीं थे।
स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलने के बाद उन्होंने अपना नया मकान तैयार कर लिया है। सरकार से मिली सहायता पर खुशी जताते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया।
गरीब परिवारों के लिए उम्मीद बनी योजना
पक्का और सुरक्षित मकान किसी भी परिवार के लिए केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की उम्मीद भी है। स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के माध्यम से सरकाघाट उपमंडल के जरूरतमंद परिवारों को मिली आर्थिक सहायता ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है।





