
#खबर अभी अभी दिल्ली ब्यूरो*
14 फरवरी 2023
सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस यात्रियों की पहली पसंद बनी हुई है। यही कारण है कि रेलवे मंत्रालय इन ट्रेनों के प्रोडक्शन को बढ़ा रहा है। आने वाले दो माह में छह से ज्यादा वंदे भारत एक्सप्रेस का प्रोडक्शन किया जाएगा। मंत्रालय की प्लानिंग है कि मार्च तक कुल 16 वंदे भारत ट्रेन ट्रैक पर हों। हालांकि अगस्त तक 75 वंदे भारत ट्रेनों का लक्ष्य रखा गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, आईसीएफ चेन्नई में फरवरी और मार्च में तीन-तीन वंदे भारत ट्रेन तैयार हो जाएंगी। हाल ही में मुंबई से दो वंदे भारत ट्रेन एक साथ रवाना होने के बाद वंदे भारत ट्रेनों की संख्या कुल 10 हो गई है, जो अलग-अलग रूटों पर चल रही हैं। देश की पहली वंदे भारत की शुरुआत 2019 में हुई थी और अब तक आठ राज्यों को वंदे भारत का तोहफा मिल चुका है। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए कई और राज्य इसकी मांग करने लगे हैं।
देश की पहली वंदे भारत ट्रेन नई दिल्ली से वाराणसी के बीच चली। यह ट्रेन फरवरी 2019 में चलाई गई। दूसरी ट्रेन नई दिल्ली से श्री वैष्णो देवी कटरा के बीच चलाई गई। जबकि तीसरी ट्रेन गांधीनगर से मुंबई के बीच शुरू की गई। चौथी ट्रेन नई दिल्ली से अंब अंदौरा स्टेशन हिमाचल के बीच शुरू की गई। पांचवीं वंदे भारत को चेन्नई से मैसूर के बीच चलाया गया। छठी वंदे भारत नागपुर से छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के बीच चलाई जा रही है। इसी तरह सातवीं वंदे भारत ट्रेन पश्चिम बंगाल के हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी और आठवीं वंदे भारत तेलंगाना के सिकंदराबाद से आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के बीच शुरू की गई। जबकि हाल ही में महाराष्ट्र के मुंबई से शिरडी और मुंबई से सोलापुर के लिए वंदे भारत शुरू हो चुकी है। राज्यों के हिसाब से अब तक दिल्ली, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश को वंदे भारत की सौगात मिल चुकी है।
महाराष्ट्र इकलौता ऐसा राज्य है, जहां चार वंदे भारत ट्रेनों का परिचालन होता है। वंदे भारत ट्रेनों की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए कई और राज्य इसकी मांग करने लगे हैं। पंजाब ने दिल्ली से अमृतसर और बठिंडा के लिए वंदे भारत ट्रेन की मांग की है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, केरल और पूर्वोत्तर के राज्यों में जल्द ही वंदे भारत चलाने की घोषणा की जा सकती है। हाल ही में राजस्थान में एक कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री ने कहा था कि जयपुर में भी वंदे भारत आनी चाहिए। इसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। अप्रैल और मई में यह शुरू हो जाएगी। अन्य राज्यों से देरी होने के तकनीकी कारण हैं। बिहार में 2025 में होने वाले चुनावों को देखते हुए उसे वंदे भारत पहले मिलने की उम्मीद है। वाराणसी-हावड़ा और हावड़ा-पटना रूट पर ट्रेन का परिचालन शुरू किया जा सकता है।
#खबर अभी अभी दिल्ली ब्यूरो*





