अपने क्षेत्र की संस्कृति रीति रिवाजों व कला को संजोए हुए है माल मेला

#खबर अभी अभी मंड़ी ब्यूरो*

21 अक्तूबर 2024

गाँव शिलहा किपड @ NELA 4 का यह माल मेला एक पारंपरिक मेला है जो अपने आप में क्षेत्र की संस्कृति रीति रिवाजों व कला को संजोए हुए है इस मेले के आयोजन का इतिहास 60 वर्षों से भी पुराना है । इस मेले में क्षेत्र के सभी देवी देवता शिरकत करते हैं । दिन को सभी देवी देवता देव मंदिर घुघता में एकत्रित होते हैं क्षेत्र के सभी लोग इन देवत्ताओं का घुघता देव मंदिर में स्वागत करते हैं फिर ये सभी देवी देवता देव भंडार शिलहा किपर के प्रांगण को प्रस्थान करते हैं । जहाँ सभी देवी देवता पूरे गाँव का फेरा लेकर देव भंडार में आते हैं व इसी प्रांगण में रात भर सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं BANTHDDA शैली में आस पास के स्थानीय कलाकार अपनी सदियों से संजोई हुई शैली में ही ज्वलंत मुद्दों को उठाते हैं।

आज के इस युग मे इलाका वासी अपनी संस्कृति व कला को संजोए हुए हैं , देवी देवताओं में आस्था से ओत प्रोत लोग बड़े शौक से इस मेले में भाग लेते हैं बच्चों युवकों महिलाओं बुजुर्गों का एक साथ मिलकर मेले के आयोजन करना ही इस माल मेले की खूबी है । इस तरह के पारंपरिक व सांस्कृतिक आयोजनों से जहाँ हमारी इस महान विरासत को अगली पीढ़ी को हस्तांतरित करने में मदद मिलती है वहीं आपसी मेलजोल व भाई चारे को मजबूत करने में भी मदद मिलती है , इस आयोजन हेतु मेला कमेटी को नगर निगम मंडी की ओर से 21,000 की राशि भी दी जाएगी ताकि इस सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाया जा सके ।

Share the news