
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पाठ्यक्रम लागू किए जा रहे सरकारी स्कूलों में स्वीकृत पद खाली रहने की स्थिति में उन्हें सीधे भर्ती के माध्यम से भरा जाएगा। किसी भी स्वीकृत पद को रिक्त नहीं रहने दिया जाएगा। शिक्षकों की कमी के कारण सीबीएसई स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने स्कूल शिक्षा निदेशालय को इस बाबत निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा निदेशालय के अनुसार सीबीएसई स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यकता पड़ने पर नई नियुक्तियां की जाएंगी। शिक्षकों की चयन परीक्षा से पहले पद भरे जाएंगे। पद रिक्त रहने की स्थिति में सीधी भर्ती की जाएगी। शिक्षा निदेशालय के अनुसार सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू करने के साथ कई स्कूलों में स्टाफ की आवश्यकता बढ़ेगी। ऐसे में यदि तबादलों या अन्य कारणों से पद खाली रहते हैं तो उन्हें सीधे भर्ती के माध्यम से भरा जाएगा। इससे चयनित सीबीएसई स्कूलों में शिक्षण और शैक्षणिक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हो सकेंगी। सरकार ने सभी शिक्षकों, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से इन निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग करने की अपील की है। विभाग का कहना है कि ये फैसले विद्यार्थियों और प्रदेश की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं।
मर्ज हुए स्कूलों के परीक्षा केंद्र नहीं बदलेंगे
जिन राजकीय छात्र या छात्रा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को इस वर्ष बोर्ड परीक्षा केंद्र घोषित किया गया है और जिन्हें हाल ही में अन्य स्कूलों के साथ मर्ज किया गया है, वहां परीक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा। दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं पहले की तरह उन्हीं स्कूल परिसरों में आयोजित की जाएंगी, जहां राज्य शिक्षा बोर्ड के तहत पहले परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए थे। विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा, भ्रम या अंतिम समय में बदलाव का सामना न करना पड़े, इसके लिए यह फैसला लिया गया है।
सीबीएसई में बदले स्कूलों में पढ़ाने के लिए 6000 आवेदन
सरकारी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) स्कूलों में पढ़ाने के लिए 24 फरवरी को समाप्त हुई आवेदन करने की तिथि तक शिक्षा बोर्ड के पास केवल 6000 ही आवेदन पहुंचे, जबकि इनमें से 2000 के करीब आवेदकों ने फीस ही जमा नहीं करवाई है। हालांकि, आवेदन के लिए शिक्षकों के कम रुझान को देखते हुए स्कूल शिक्षा बोर्ड ने आवेदन करने की तिथि को बिना लेट फीस के 5 मार्च तक बढ़ा दिया है। जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार की ओर से करीब 145 स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम में पढ़ाई करवने को लेकर शिक्षकों और प्रिंसिपलों से स्क्रीनिंग टेस्ट को 11 से 24 फरवरी तक पात्र शिक्षकों से ऑनलाइन माध्यम से बिना लेट फीस के आवेदन मांगे थे, जबकि 600 रुपये लेट फीस के साथ 27 फरवरी तक आवेदन किए जा सकते थे। लेकिन 24 फरवरी शिक्षा बोर्ड के पास 5623 पदों के लिए मात्र 6000 आवेदन ही पहुंचे हैं, जबकि इनमें से भी 2000 के करीब ऐसे आवेदन हैं, जिनमें फीस ही जमा नहीं करवाई गई है। वहीं अब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने ऑनलाइन आवेदन बिना विलंब शुल्क के जमा करने की अंतिम तिथि 5 मार्च तक बढ़ा दी गई है। इसके अतिरिक्त, पहले से जमा आवेदनों में संशोधन के लिए करेक्शन विंडो 6 से 7 मार्च, 2026 तक खुली रहेगी।
दो साल सेवा अवधि वाले प्रधानाचार्य पद पर कर सकेंगे आवेदन
प्रधानाचार्य पद के लिए न्यूनतम अवशिष्ट सेवा अवधि की शर्त को तीन वर्ष से घटाकर दो वर्ष कर दिया गया है। इस निर्णय से सीबीएसई से संबद्ध राजकीय विद्यालयों में प्रधानाचार्य पद के लिए अधिक योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों को अवसर मिलेगा। यह छूट केवल प्रधानाचार्य पद के लिए लागू होगी, जबकि अन्य शर्तें पूर्व की तरह ही निर्धारित होंगी, जबकि चयन प्रक्रिया में भी किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं होगा।
शिक्षकों के स्क्रीनिंग टेस्ट को लेकर मांगे गए आवेदनों की कम संख्या के चलते अब आवेदन करने की तिथि को 5 मार्च तक बढ़ा दिया गया है। अब पात्र शिक्षक ऑनलाइन आवेदन बिना विलंब शुल्क के साथ 5 मार्च तक कर सकते हैं, जबकि पहले से जमा आवेदनों में छह और सात मार्च तक संशोधन कर सकेंगे। – डॉ. राजेश शर्मा, अध्यक्ष, स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला।





