
कुल्लू-
उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा ने जिला में मार्च तथा अप्रैल माह में निर्धारित ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान को लेकर जिला टास्क फोर्स (इम्यूनाइजेशन) बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में आगामी मार्च व अप्रैल माह में जिला में चलाए जाने वाले ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान के प्रभावी संचालन के लिए विस्तृत कार्य योजना पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि जिला में 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियों के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत किशोरियों का टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभियान की अवधि के दौरान आयु सीमा में 15 वर्ष तथा अतिरिक्त 90 दिनों तक की छूट प्रदान की जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के हवाले से बताया कि गर्भाशय के निचले हिस्से (सर्विक्स) का कैंसर महिलाओं में गंभीर स्वास्थ्य समस्या है और इसका प्रमुख कारण एचपीवी संक्रमण है। एचपीवी प्रजनन तंत्र का सबसे सामान्य वायरल संक्रमण है। अधिकांश संक्रमण बिना लक्षण के स्वयं समाप्त हो जाते हैं, किंतु लंबे समय तक रहने वाला संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का कारण बन सकता है। उन्होंने बताया कि एचपीवी वायरस के 200 से अधिक प्रकार हैं, जिनमें 17 प्रकार कैंसर उत्पन्न करने वाले हैं। एचपीवी-16 और एचपीवी-18 वेरिएंट विश्व स्तर पर लगभग 77 प्रतिशत तथा भारत में लगभग 83 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर मामलों के लिए जिम्मेदार हैं।उन्होंने कहा कि महिलाओं को गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से बचाने के लिए मानव पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीका शुरू किया जा रहा है। एचपीवी टीका मुख्य रूप से उच्च जोखिम वाले वेरिएंट विशेषकर एचपीवी 16 और 18 से होने वाले कैंसर की रोकथाम करता है, जो भारत में लगभग 83 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर मामलों के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण एवं स्क्रीनिंग से इस कैंसर के जोखिम को काफी कम किया जा सकता है। इस टीकाकरण अभियान के दौरान एएनएम व एलएचवी नर्स वैक्सीनेटर, आशा व आंगनवाड़ी वर्कर, लिंक मोबिलाइजर, स्वास्थ्य संस्थान स्टाफ वेरिफायर तथा महिला आरोग्य समिति, जन आरोग्य समिति तथा स्वास्थ्य कर्मी स्वयंसेवक के रूप में शामिल रहेंगे। इस कार्य को करने के लिए सभी को प्रशिक्षण प्रदान करने का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि एचपीवी टीका जिला में केवल कोल्ड-चेन युक्त सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ही लगाया जाएगा।उन्होंने बताया कि यू- विन पोर्टल पर एचपीवी टीकाकरण के लिए बालिका का पंजीकरण दो तरीके से किया जा सकता है। जिसमें सिटीजन पोर्टल के माध्यम से स्व-पंजीकरण के तहत माता-पिता या अभिभावक युविन पोर्टल पर लॉग-इन करके पंजीकरण करा सकते हैं। जबकि दूसरे तरीके से यदि पहले पंजीकरण नहीं हुआ है तो ऑन-साइट पंजीकरण के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा सहमति विवरण का उपयोग करते हुए बालिका का पंजीकरण सीधे टीकाकरण स्थल पर भी किया जा सकता है। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को इस अभियान की सफलता सुनिश्चित बनाने के लिए व्यापक समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। साथ ही एचपीवी टीकाकरण अभियान के प्रति व्यापक जागरूकता सुनिश्चित बनाने को भी कहा ताकि कोई भी पात्र किशोरी इस टीकाकरण अभियान के तहत प्रतिरक्षण से वंचित न रह जाए। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की है कि वह अपनी बेटियों का समय पर एचपीवी टीकाकरण कराकर उन्हें सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित बनाने के लिए आगे आएं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर विभाग के चिकित्सकों एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी लाहौल स्पीति डाॅ. रंजीत सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डॉ हीरा लाल, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ ऊषा, जिला परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग कुंदन ठाकुर, जिला कल्याण अधिकारी गिरधारी लाल शर्मा, जिला पंचायत अधिकारी दयाराम ठाकुर, आईएमए कुल्लू के अध्यक्ष डॉ हेमराज, उपनिदेशक देश राज डोगरा एवं सुनील ठाकुर, स्वास्थ्य शिक्षक निर्मला महंत सहित अभियान से संबंधित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कुल्लू ब्यूरो सुशांत शर्मा की रिपोर्ट…..





