
मंडी,
आगामी दक्षिण-पश्चिम मानसून-2026 की तैयारी, रोकथाम और शमन उपायों पर गत शुक्रवार देर सायं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सौजन्य से एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त एवं प्राधिकरण के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने की।
कार्यशाला में मानसून से पूर्व सभी विभागों की तैयारियों की समीक्षा की गई तथा संभावित आपात स्थिति से प्रभावी एवं समयबद्ध तरीके से निपटने की योजना बनाने पर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए ताकि संभावित आपदा की स्थिति में शीघ्र, समुचित एवं समन्वित प्रतिक्रिया दी जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि मानसून के दौरान जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली (अर्ली वार्निंग सिस्टम) को सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही बिजली, पानी एवं सड़कों की स्थिति की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से समय पर जनता तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने रेड अलर्ट और ऑरेंज अलर्ट की स्थिति में विशेष सावधानी बरतने तथा मशीनरी और मानव बल की समुचित तैनाती पहले से ही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों, कर्मचारियों, मशीन ऑपरेटर इत्यादि को अलर्ट के दौरान अपना स्टेशन न छोड़ने तथा विपरीत परिस्थिति में शैक्षणिक संस्थान इत्यादि बंद करने की अधिसूचना समय पर जारी करने को कहा।
अपूर्व देवगन ने एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग को कीरतपुर-मनाली, हमीरपुर-मंडी वाया कोटली, बिजणी-पधर सहित अन्य मुख्य सड़कों को मानसून के दौरान 24 घंटे खुला रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने को कहा। साथ ही सड़कों की नालियों और डंपिंग स्थलों की सफाई मानसून से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि सुरक्षा दीवार के जो काम चल रहे हैं उन्हें मानसून से पहले पूरा करें। आवश्यक सूचना का प्रसार सही समय पर सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए डीडीएमए, डीपीआरओ सहित सभी विभागीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तत्काल सटीक जानकारी अपलोड की जाएगी। उन्होंने कहा कि सूचना सम्प्रेषण के लिए हैम रेडियो की भी सहायता ली जा सकती है।
उन्होंने कहा कि पिछले अनुभवों के आधार पर संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां आवश्यक संसाधनों एवं मशीनरी की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी उपमंडल अधिकारियों को ऐसे क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। पंडोह और लारजी डैम के अधिकारियों को पानी छोड़ने से पहले निचले क्षेत्र के लोगों को सतर्क करने के लिए सायरन बजाने तथा सोशल मीडिया के माध्यम से आवश्यक जानकारी साझा करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने मॉर्थ के अधिकारियों को निर्देश दिए कि धर्मपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्य के चलते डरबाड़, रखोह-चोलथरा-अवाहदेवी तथा कांडापत्तन-सज्याओपिपलू पेयजल योजना की जो पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई है, उसकी तुरंत मरम्मत करें ताकि लोगों को पेयजल की समस्या न हो। उन्होंने सड़क निर्माण के चलते आ रही समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने तथा घरों की सुरक्षा के लिए लग रहे डंगों तथा सुरक्षा दीवारों को बरसात से पहले पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कलवर्ट और नालियों की उचित साफ सफाई की जाए और अगर किसी के खेत या घर की ओर कलवर्ट खुला है तो उसका चैनलाइजेशन किया जाए।
अपूर्व देवगन ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वो गर्मियों में ड्राई स्पेल के लिए भी तैयार रहें। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों, आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए भवनों के ऊपर रखी पानी की टंकियों की सफाई के दृष्टिगत विशेष सफाई अभियान चलने तथा वर्षा प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक क्लोरिनेशन करने और लोगों को उबला हुआ पानी पीने के लिए प्रेरित करने के लिए संबंधित लाइन डिपार्टमेंट को अभी से विस्तृत कार्य योजना बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा मानसून की तैयारियों पर सभी आवश्यक प्रबंध पूरे के लिए हैं। पुलिस हमेशा सतर्क है।
अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह ने सुंदरनगर के जंगमबाग तथा अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार ने पधर के राजबन में हुई आपदा के दौरान किए गए राहत एवं बचाव कार्यों पर प्रस्तुति दी।
आदेशक, गृह रक्षक वाहिनी पुनीत रघु ने बताया कि होम गार्ड के पास आपदा से निपटने के लिए सभी आवश्यक उपकरण उपलब्ध हैं तथा वे किसी भी आपदा से निपटने में सक्षम हैं।
अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग मंडी सर्कल विनोद कुमार शर्मा, जल शक्ति सुंदरनगर की अधिशाषी अभियंता सत्या शर्मा, विद्युत बोर्ड मंडी के उप मुख्य अभियंता अरुण कुमार शर्मा ने अपने-अपने विभागों द्वारा आपदा के समय किए गए कार्यों तथा आगामी दक्षिण-पश्चिम मानसून की तैयारियों पर विस्तृत एक्शन प्लान पर चर्चा की।
एनएचएआई और सड़क परिवहन एवं हाइवे मंत्रालय (मॉर्थ) के अधिकारियों ने बताया कि बरसात के दौरान कीरतपुर-मनाली, हमीरपुर-मंडी वाया कोटली तथा बिजनी-पधर सड़कों पर पर मशीनरी तैनात रहेगी तथा किसी भी आपात स्थिति में आधे घंटे के भीतर मशीनरी मौके पर पहुंच जाएगी। उन्होंने बताया कि बरसात में एनएचएआई और मॉर्थ का पूरा ध्यान सड़क सुरक्षा पर रहेगा।
कार्यशाला में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, उपमंडल अधिकारी (नागरिक), पुलिस, जल शक्ति, लोक निर्माण, नगर निकाय, विद्युत बोर्ड, , राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, मॉर्थ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।





