बागवानों को नोटिस पर बरागटा का सरकार पर हमला, बोले- 100 करोड़ का बकाया तुरंत चुकाए सरकार

12/8/2026
शिमला
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हिमाचल भाजपा प्रवक्ता एवं जुब्बल-कोटखाई से प्रत्याशी चेतन बरागटा ने सेब बागवानों को भेजे जा रहे जांच और सत्यापन नोटिस को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एमआईएस के तहत 100 से अधिक बोरी सेब देने वाले बागवानों को जारी किए जा रहे नोटिस तत्काल वापस लेने की मांग की है।

बरागटा ने कहा कि बागवानों से आधार कार्ड, जमाबंदी, ततीमा, आढ़ती की पर्ची और बैंक स्टेटमेंट जैसे दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एचपीएमसी की ओर से सेब की खरीद की गई थी, तब उसी समय आवश्यक सत्यापन क्यों नहीं किया गया।

श्वेत पत्र जारी करने की मांग

बरागटा ने सरकार से श्वेत पत्र जारी कर यह स्पष्ट करने की मांग की कि एमआईएस के तहत 100 से अधिक बोरी सेब देने वाले कुल कितने बागवान हैं और इनमें से कितने बागवानों को जांच एवं सत्यापन के नोटिस जारी किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन नियम सभी बागवानों के लिए समान रूप से लागू किए जाने चाहिए। बरागटा ने आरोप लगाया कि सरकार बागवानों को अनावश्यक रूप से परेशान कर रही है।

100 करोड़ से अधिक बकाया होने का दावा

भाजपा नेता ने दावा किया कि एमआईएस के तहत बागवानों का 100 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बकाया है। उन्होंने कांग्रेस सरकार से बकाया राशि का तत्काल भुगतान करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि सरकार को पहले बागवानों का लंबित भुगतान करना चाहिए और इसके बाद खरीद प्रक्रिया में सामने आई किसी भी गड़बड़ी की जांच करनी चाहिए।

सभी कलेक्शन सेंटर शुरू करने की मांग

बरागटा ने प्रदेश के सभी अधिसूचित सेब कलेक्शन सेंटर तत्काल शुरू करने की मांग की। साथ ही उन्होंने एचपीएमसी और हिमफेड के बीच संतुलन बनाने तथा पूरी प्रोक्योरमेंट चेन की जांच करवाने की मांग उठाई।

उन्होंने कहा कि सेब खरीद से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा होनी चाहिए, ताकि बागवानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

सब्सिडी और जरूरी इनपुट उपलब्ध करवाने की मांग

बरागटा ने बागवानों के लिए सब्सिडी जारी करने, पीपी सेंटरों में पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध करवाने तथा समय पर खाद, स्प्रे ऑयल और अन्य जरूरी कृषि इनपुट मुहैया करवाने की भी मांग की।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बागवानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो भाजपा बागवानों के साथ मिलकर सड़कों पर उतरेगी और आंदोलन किया जाएगा।

मुख्य मांगें:

100 से अधिक बोरी सेब देने वाले बागवानों को जारी नोटिस वापस लेने की मांग
एमआईएस का 100 करोड़ रुपये से अधिक बकाया भुगतान करने की मांग
एमआईएस खरीद पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग
सभी अधिसूचित कलेक्शन सेंटर शुरू करने की मांग
एचपीएमसी और हिमफेड के बीच संतुलन बनाने की मांग
पूरी प्रोक्योरमेंट चेन की जांच की मांग
बागवानों को खाद, दवाइयां और स्प्रे ऑयल समय पर उपलब्ध करवाने की मांग

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