
18 अगस्त 2026 | खबर अभी-अभी
हमीरपुर

सुजानपुर सिविल अस्पताल में सर्व कल्याणकारी ट्रस्ट की ओर से प्रस्तावित निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर को अस्पताल प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने पर ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र राणा ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। राणा ने आरोप लगाया कि अस्पताल में निर्माण कार्य का हवाला देकर शिविर की अनुमति रद्द की गई, जबकि उनके अनुसार जिस स्थान पर शिविर लगाया जाना था, वहां निर्माण कार्य नहीं हो रहा था।
ट्रस्ट की ओर से 6 सितंबर को निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया जाना प्रस्तावित था। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा लोगों की स्वास्थ्य जांच और उपचार संबंधी परामर्श निशुल्क दिया जाना था। अनुमति नहीं मिलने के कारण अब यह शिविर आयोजित नहीं हो पाएगा।
20 जुलाई को किया था अनुमति के लिए आवेदन
राजेंद्र राणा ने बताया कि ट्रस्ट की ओर से 20 जुलाई को बीएमओ सुजानपुर के पास शिविर लगाने की अनुमति के लिए आवेदन किया गया था। उस समय ट्रस्ट को अस्पताल परिसर में शिविर के लिए कुछ स्थान उपलब्ध करवाने की बात कही गई थी।
राणा के मुताबिक, कई दिन बीतने के बाद भी जब अनुमति नहीं मिली तो उन्होंने बीएमओ कार्यालय से संपर्क किया। उन्हें बताया गया कि अनुमति के लिए मामला सीएमओ हमीरपुर को भेजा गया है। इसके बाद सीएमओ कार्यालय की ओर से स्वास्थ्य निदेशक कार्यालय को पत्र भेजा गया। स्वास्थ्य निदेशक कार्यालय ने मामले में निर्णय लेने के लिए सीएमओ हमीरपुर को ही अधिकृत किया।
इसके बाद सीएमओ हमीरपुर की ओर से बीएमओ सुजानपुर को भेजे गए पत्र में अस्पताल परिसर में चल रहे निर्माण कार्य और जगह की कमी का हवाला देते हुए शिविर लगाने की अनुमति नहीं देने की बात कही गई।
‘कंस्ट्रक्शन वर्क का झूठा बहाना बनाया’
राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि कंस्ट्रक्शन वर्क का झूठा बहाना बनाकर सरकार के दबाव में स्वास्थ्य शिविर को रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि शिविर अस्पताल के अंदर लगाया जाना था, जबकि निर्माण कार्य किसी अन्य स्थान पर चल रहा है।
उन्होंने कहा कि इस शिविर में पीजीआई के विशेषज्ञ डॉक्टर लोगों को उनके घर-द्वार के नजदीक निशुल्क स्वास्थ्य जांच और उपचार संबंधी परामर्श देने वाले थे। ऐसे में शिविर की अनुमति रद्द होने से उन मरीजों को सबसे अधिक परेशानी होगी, जो लंबे समय से विशेषज्ञ चिकित्सकों से इलाज और जांच की उम्मीद लगाए बैठे थे।
राणा ने कहा कि पीजीआई में इलाज के लिए लोगों को हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं, जबकि ट्रस्ट के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों को क्षेत्र में लाकर लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा था।
‘25 वर्षों से लोगों की सेवा कर रहा ट्रस्ट’
राणा ने कहा कि सर्व कल्याणकारी ट्रस्ट पिछले 25 वर्षों से हिमाचल प्रदेश और प्रदेश के बाहर लोगों की सेवा के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों की बड़े अस्पतालों और विशेषज्ञ चिकित्सकों तक आसानी से पहुंच नहीं हो पाती, उनके लिए ऐसे निशुल्क स्वास्थ्य शिविर महत्वपूर्ण सुविधा साबित होते हैं।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता से सितंबर माह में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने का वादा किया गया था, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण अब यह शिविर नहीं लगाया जा सकेगा।
राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार लगातार निशुल्क स्वास्थ्य शिविरों को रोकने के लिए काम कर रही है और इससे आम लोगों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।





