कुल्लू-काइस-कोटधार रूट पर 52 सीटर बस हटाने से ग्रामीणों और छात्रों में रोष, आंदोलन की चेतावनी

1 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | कुल्लू

कुल्लू। कुल्लू-काइस-कोटधार बस रूट पर हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) द्वारा 52 सीटर बस को हटाकर बार-बार 37 सीटर बस चलाए जाने से क्षेत्र के करीब 10 से 12 गांवों के ग्रामीणों और स्कूली छात्र-छात्राओं में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि बड़ी बस हटाए जाने के कारण रोजाना सैकड़ों यात्रियों और विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों ने HRTC के क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) कुल्लू को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई और 52 सीटर बस का नियमित संचालन बहाल नहीं किया गया तो वे बड़े जनआंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।

ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर चौड़ा करवाया था रास्ता

ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि पहले समरवा वैली ब्रिज के समीप सड़क तंग होने के कारण 52 सीटर बस को क्रॉस करने में दिक्कत होती थी। इस समस्या को दूर करने के लिए स्थानीय लोगों ने निजी भूमि मालिकों से सहमति ली और आपस में धनराशि एकत्र कर सड़क को चौड़ा करवाया। ग्रामीणों का कहना है कि यह प्रयास इसलिए किया गया था, ताकि बड़ी बस का संचालन सुचारू रूप से हो सके और क्षेत्र के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके।

15-20 दिन चली 52 सीटर बस, फिर लगा दी 37 सीटर

सड़क चौड़ी होने के बाद HRTC ने करीब 15 से 20 दिनों तक 52 सीटर बस का संचालन किया। इस दौरान विद्यार्थियों और ग्रामीणों को काफी राहत मिली। हालांकि, इसके बाद अचानक 52 सीटर बस को हटाकर दोबारा 37 सीटर बस लगा दी गई।

ग्रामीणों के अनुसार छोटी बस की क्षमता कम होने के कारण यात्रियों की संख्या के मुकाबले सीटें पर्याप्त नहीं हैं। इसके चलते रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों और विद्यार्थियों को बस में खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है।

विद्यार्थियों की पढ़ाई भी हो रही प्रभावित

ग्रामीणों का कहना है कि बस में पर्याप्त सीटें उपलब्ध नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी स्कूली छात्र-छात्राओं को हो रही है। भीड़ के कारण कई विद्यार्थियों को समय पर स्कूल और कॉलेज पहुंचने में दिक्कत होती है। ग्रामीणों ने कहा कि परिवहन सुविधा सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी हुई है, इसलिए इस समस्या का जल्द समाधान किया जाना जरूरी है।

ग्रामीणों ने कहा- दो बसें नहीं, केवल एक 52 सीटर बस चाहिए

ग्रामीणों के मुताबिक जब उन्होंने क्षेत्र में दो बसें चलाने की मांग की तो विभाग की ओर से घाटे का हवाला दिया गया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग दो बसें चलाने की नहीं है। वे केवल एक 52 सीटर बस को नियमित रूप से संचालित करने की मांग कर रहे हैं, ताकि मौजूदा यात्रियों की संख्या के अनुरूप परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके।

मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने HRTC प्रबंधन से मांग की है कि कुल्लू-काइस-कोटधार रूट पर 52 सीटर बस का नियमित संचालन जल्द शुरू किया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांग को नजरअंदाज किया गया और समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्रवासी बड़े जनआंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

हालांकि, इस मामले में HRTC कुल्लू के क्षेत्रीय प्रबंधक ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि उनकी मांग को ध्यान में रखते हुए उचित कार्रवाई की जाएगी। अब ग्रामीणों की नजर HRTC प्रबंधन के अगले कदम पर है।

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