
1 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | सिरमौर
सिरमौर। हिमाचल प्रदेश में विश्व संस्कृत दिवस के उपलक्ष्य में 25 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक संस्कृत सप्ताह का आयोजन किया गया। इसके तहत प्रदेशभर के विद्यालयों एवं संस्कृत शिक्षण संस्थानों में संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार, संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी कड़ी में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में भी विश्व संस्कृत दिवस मनाया गया।
इस अवसर पर हिमाचल राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद के राज्य उपाध्यक्ष वेद पराशर ने बताया कि संस्कृत सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा के प्रति जागरूक करने और उनमें संस्कृत के प्रति रुचि विकसित करने के लिए अनेक गतिविधियां आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने संस्कृत संभाषण, श्लोक उच्चारण, संस्कृत गीत, भाषण, प्रश्नोत्तरी और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
उन्होंने बताया कि जिला सिरमौर के विभिन्न विद्यालयों में भी संस्कृत सप्ताह का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। संस्कृत शिक्षकों ने विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा के महत्व से अवगत करवाया तथा दैनिक जीवन में संस्कृत के सरल वाक्यों का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों ने भी विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेकर संस्कृत भाषा के प्रति अपनी रुचि और प्रेम प्रदर्शित किया।
वेद पराशर ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान, संस्कृति, परंपरा, संस्कार और गौरव की अमूल्य धरोहर है। संस्कृत के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विद्यालय स्तर से ही विद्यार्थियों में इसके प्रति रुचि पैदा करना आवश्यक है। इस तरह की गतिविधियां बच्चों को भाषा सीखने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
राज्य उपाध्यक्ष वेद पराशर ने संस्कृत सप्ताह के सफल आयोजन के लिए जिला सिरमौर के समस्त संस्कृत शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं विद्यालयों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए सभी को मिलकर निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है।





