
5 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | शिमला

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर देशभर के साथ हिमाचल प्रदेश में भी शिक्षक दिवस मनाया गया। शिमला के लोकभवन में राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह आयोजित किया गया, जिसमें राज्यपाल कविंद्र गुप्ता बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
समारोह के दौरान राज्यपाल ने प्रदेशभर से राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए चयनित 32 शिक्षकों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के बाद राज्यपाल और शिक्षा मंत्री ने सम्मानित शिक्षकों सहित प्रदेशवासियों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि आज डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती है और उन्हीं की स्मृति में देशभर में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि ये शिक्षक अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगे।
राज्यपाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से देश की युवा पीढ़ी को नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में मजबूत करने की आवश्यकता है, जिसमें शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
शिक्षक पुरस्कार चयन पर राज्यपाल की प्रतिक्रिया
राज्य शिक्षक पुरस्कार के चयन को लेकर उठे सवालों और इस संबंध में भेजे गए पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से उन्हें बताया गया है कि चयन प्रक्रिया तीन अलग-अलग चैनलों के माध्यम से पूरी की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि चयनकर्ताओं ने भी अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाई होग
धरने पर बैठे शिक्षकों को वार्ता के लिए बुलाया जाएगा: रोहित ठाकुर
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सम्मानित शिक्षकों को शिक्षक दिवस की बधाई दी। प्रदेश में धरने पर बैठे शिक्षकों के मामले पर उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में है और सरकार की ओर से पहले ही इस संबंध में स्पष्टीकरण दिया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के कुछ संशय थे, जिन्हें दूर किया गया है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू स्वयं इस मामले को देख रहे हैं और धरने पर बैठे शिक्षकों को वार्ता के लिए बुलाया जाएगा।
147 स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ा गया: शिक्षा मंत्री
प्रदेश में सीबीएसई एफिलिएटेड स्कूलों को लेकर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता गुणात्मक शिक्षा को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि राज्य के 147 विद्यालयों को सीबीएसई बोर्ड से एफिलिएट किया गया है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड भी देश के अच्छे शिक्षा बोर्डों में शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और सरकारी स्कूलों से विद्यार्थियों के पलायन को रोकने में भी मदद मिलेगी।





