
7 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | सोलन

नालागढ़ की 25 पंचायतों के नव निर्वाचित प्रधानों व उप-प्रधानों का चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू, अधिकारों के साथ कर्तव्यों और पंचायत कार्यप्रणाली की दी जाएगी जानकारी
सोलन। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देने और पंचायत प्रतिनिधियों को उनके दायित्वों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विकास खंड नालागढ़ की 25 पंचायतों के नव निर्वाचित प्रधानों एवं उप-प्रधानों के लिए चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ। शिविर का आयोजन जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय सोलन के सभागार में किया गया। इसकी अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त सोलन दिव्यांशु सिंगल ने की।
पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारभूत इकाई
अतिरिक्त उपायुक्त ने नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य उन्हें उनके अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों, पंचायत की कार्यप्रणाली और विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की जानकारी देना है, ताकि वे अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की आधारभूत इकाई हैं। गांवों के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लोगों की समस्याओं के समाधान में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
पात्र लोगों तक पहुंचे सरकारी योजनाओं का लाभ
दिव्यांशु सिंगल ने पंचायत प्रतिनिधियों से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने पंचायत स्तर पर जवाबदेही और जनभागीदारी को मजबूत बनाने में भी पंचायत प्रतिनिधियों से सक्रिय सहयोग देने की अपील की।
पुस्तकालय, आंगनबाड़ी और सामुदायिक केंद्रों को दें प्राथमिकता
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि लोगों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने पंचायतों में पुस्तकालय, आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक केंद्र जैसे विकास कार्यों को भी प्राथमिकता देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि पंचायतों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए ऐसे कार्य किए जाने चाहिए, जिनका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिल सके।
पंचायत स्तर पर ही सुलझाएं स्थानीय मतभेद
दिव्यांशु सिंगल ने पंचायत प्रतिनिधियों से पंचायती राज अधिनियम के तहत प्रदान की गई शक्तियों का प्रभावी उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के आपसी मतभेदों को पंचायत स्तर पर ही सुलझाने का प्रयास किया जाना चाहिए, ताकि लोगों के समय और धन दोनों की बचत हो सके।
पंचायत प्रतिनिधियों को दी गई नियमों की जानकारी
चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।
इस दौरान पंचायती राज अधिनियम 1994, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज नियम-1997, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज वित्त नियम-2002, पंचायती राज व्यवस्था, पंचायतों के कार्य एवं दायित्व, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन तथा वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं सहित अन्य विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।
अधिकारी और विशेषज्ञ भी रहे मौजूद
प्रशिक्षण शिविर में जिला पंचायत अधिकारी सोलन जोगिन्द्र राणा, पंचायत निरीक्षक नितेश भाटिया, सेवानिवृत्त पंचायत निरीक्षक जयचंद कौशल और रमेश शर्मा ने भी पंचायती राज व्यवस्था से संबंधित विभिन्न विषयों पर नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को जानकारी प्रदान की।





