कांग्रेस सरकार ने हिमाचल की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को किया कमजोर, जनता पर बढ़ाया आर्थिक बोझ : डॉ. राजीव बिंदल

8 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | शिमला

शिमला। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय प्रबंधन को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार के तथाकथित व्यवस्था परिवर्तन के बावजूद प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं कमजोर हुई हैं तथा जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।

डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। कई विद्यालय सिंगल टीचर व्यवस्था से जूझ रहे हैं और एक ही शिक्षक को एक से अधिक कक्षाओं की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई शैक्षणिक संस्थान बंद किए गए हैं, जबकि संचालित विद्यालयों में भी भवन, शिक्षक, शौचालय, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है।

फीस बढ़ोतरी को लेकर सरकार पर निशाना

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों पर फीस बढ़ोतरी के माध्यम से अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया है। उन्होंने दावा किया कि कक्षा 9वीं और 11वीं की पंजीकरण फीस ₹50 से बढ़ाकर ₹200 कर दी गई है, जबकि लेट फीस ₹100 से बढ़ाकर ₹500 की गई है।

उन्होंने कहा कि मुफ्त वर्दी और परिवहन जैसी सुविधाओं में कटौती से भी अभिभावकों की परेशानियां बढ़ी हैं। डॉ. बिंदल ने सवाल उठाया कि जब सरकारी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं तथा फीस में भी वृद्धि की जा रही है, तो सरकार के शिक्षा सुधार के दावों का लाभ आम परिवारों तक कैसे पहुंचेगा।

CBSE और अंग्रेजी माध्यम के फैसले पर भी सवाल

डॉ. बिंदल ने सरकारी स्कूलों में CBSE और अंग्रेजी माध्यम लागू करने के फैसलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े शैक्षणिक बदलाव से पहले पर्याप्त तैयारी, शिक्षकों का प्रशिक्षण और जरूरी संसाधन उपलब्ध करवाना आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्याप्त तैयारी के बिना बच्चों पर नई व्यवस्था लागू करना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर भी उठाए सवाल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों तथा विशेषज्ञों की कमी बनी हुई है। कई स्थानों पर CT Scan, Ultrasound और अन्य जांच सुविधाओं को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार को स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त चिकित्सक, विशेषज्ञ और आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि लोगों को उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।

CAG रिपोर्ट का हवाला देकर वित्तीय प्रबंधन पर हमला

डॉ. बिंदल ने कहा कि हालिया CAG रिपोर्ट ने भी प्रदेश सरकार के वित्तीय प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बढ़ते कर्ज, वित्तीय अनुशासन की कमी और विकास कार्यों की धीमी गति का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे हालात में वर्ष 2032 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने का दावा जमीनी वास्तविकताओं से मेल नहीं खाता।

उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार आत्मनिर्भर हिमाचल की बात कर रही है, जबकि दूसरी तरफ प्रदेश की वित्तीय स्थिति और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

हर महीने करीब 200 स्थानों पर प्रदर्शन करेगी भाजपा

डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लगातार संघर्ष करेगी। उन्होंने बताया कि पार्टी ने प्रदेश के 171 मंडलों सहित करीब 200 स्थानों पर हर महीने स्थानीय मुद्दों को लेकर धरने-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा की बदहाली, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, बढ़ती फीस, कमजोर होते संस्थान और वित्तीय कुप्रबंधन कांग्रेस सरकार के तथाकथित व्यवस्था परिवर्तन की वास्तविक तस्वीर पेश करते हैं। भाजपा सदन से लेकर सड़क तक जनता की आवाज मजबूती से उठाती रहेगी।

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