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हिमाचल,
हिमाचल प्रदेश वन विभाग ने प्रदेश के 150 वन विश्राम गृहों (रेस्ट हाउस) को ऑनलाइन बुकिंग के लिए खोल दिया है। अब पर्यटक इन रेस्ट हाउस की बुकिंग वेबसाइट hpecotourism.com पर कर सकेंगे। अभी तक कुछ सर्किल में यह सुविधा थी। विभाग का दावा है कि इन रेस्ट में होटल स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रदेश में वन विभाग के कुल 450 रेस्ट हाउस हैं, जिनमें से पहले चरण में 150 रेस्ट हाउस को ईको टूरिज्म के तहत विकसित किया गया है। विभाग के अनुसार इस पहल से प्रदेश में ईको टूरिज्म को नई गति मिलेगी। वन विभाग ने इन रेस्ट हाउसों के संचालन, रखरखाव और नियमों के अनुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित डीएफओ (डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर) को सौंपी है।
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वहीं कमरों की बुकिंग तय दरों पर होगी, हालांकि पर्यटकों की मांग और सीजन के अनुसार संबंधित डीएफओ को किराया बढ़ाने का अधिकार भी दिया गया है। मुख्य अरण्यपाल शिमला के. थिरुमल ने बताया कि वन विभाग ने ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेस्ट हाउसों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा है, ताकि आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
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इन रेस्ट हाउस की भी हो सकेगी ऑनलाइन बुकिंग
शिमला डिवीजन में सुन्नी, चक्कर, खलीनी, घणाहट्टी, हमीरी, खटनोल, कड़याली, थाची सहित 10 रेस्ट हाउस तैयार किए गए हैं। रोहड़ू डिवीजन में मंडली, खादरला, खड़ापत्थर, रोहड़ू, डोडरा, पुजारली, बाशला और लरोट सहित 8 रेस्ट हाउस शामिल हैं। इसके अलावा चौपाल में दो रेस्ट हाउस सरैन और पियोंतरा केडी और रामपुर डिवीजन में फॉरेस्ट हाउस नोगली, शोली, सुराड़, फांचा, तकलेच और गहन शामिल हैं।
किन्नौर में चार है जिनमें कल्पा, सांगला, निचार और शोल्टू रेस्ट हाउस हैं। आनी में तारला, पनेऊ और निथर शिला बंगलू हैं। बिलासपुर में रेस्ट हाउस निहारी, लखनपुर, बल्हसीणा गोचर और माला टिब्बा सहित आठ शामिल हैं। सोलन में कुमारहट्टी और गड़खल रेस्ट हाउस तैयार किया गया है।





