OPS बहाली और आउटसोर्स कर्मियों के समायोजन की मांग को लेकर विधानसभा के बाहर गरजे विद्युत कर्मी, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी

2 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | शिमला

पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली और आउटसोर्स कर्मचारियों के समायोजन की मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने बुधवार को शिमला के चौड़ा मैदान में जोरदार प्रदर्शन किया। हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी एवं अभियंता संयुक्त मोर्चा के बैनर तले प्रदेशभर से पहुंचे कर्मचारियों ने पहले कुमार हाउस स्थित राज्य विद्युत बोर्ड के कार्यालय तक रैली निकाली और इसके बाद चौड़ा मैदान में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन में बिजली बोर्ड के नियमित कर्मचारियों के साथ आउटसोर्स कर्मचारी और इंजीनियरिंग विंग से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हुए। कर्मचारी नेताओं ने सरकार से पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और लंबे समय से सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की।

9 हजार कर्मचारियों के लिए OPS की मांग

एचपीएसईबी एम्प्लाइज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष नीतीश भारद्वाज ने कहा कि बिजली बोर्ड के करीब 9 हजार कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांग कोई नई सुविधा लेने की नहीं, बल्कि पुरानी पेंशन बहाल करने की है।

उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड के गठन और पुराने पेंशन नियमों के तहत बोर्ड कर्मचारियों को भी अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह पेंशन का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब प्रदेश के अन्य कर्मचारियों को OPS का लाभ दिया गया है तो बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है।

नीतीश भारद्वाज ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बिजली बोर्ड कर्मचारियों के लिए OPS बहाल नहीं की तो कर्मचारी आंदोलन और हड़ताल का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

बाइट : नीतीश भारद्वाज, प्रदेशाध्यक्ष, HPSEB एम्प्लाइज यूनियन

भर्ती और खाली पदों को लेकर भी उठी आवाज

एचपीएसईबी एम्प्लाइज यूनियन के संयोजक हीरालाल वर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन के साथ नई भर्तियां और अन्य कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने दावा किया कि बिजली बोर्ड के कर्मचारी पिछले ढाई से साढ़े तीन वर्षों से OPS से वंचित हैं।

उन्होंने कहा कि कभी करीब 43 हजार कर्मचारियों वाला बिजली बोर्ड अब लगभग 13 हजार नियमित और करीब 3 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों के सहारे चल रहा है। उनके अनुसार बोर्ड में करीब 11 से 12 हजार पद खाली पड़े हैं, जिसके कारण कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ रहा है और उपभोक्ताओं को भी सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।

कर्मचारी नेता ने सरकार से बिजली बोर्ड में जल्द नई भर्तियां करने की मांग की, ताकि खाली पदों को भरा जा सके और प्रदेश के उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।

सरकार को बड़े आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली, आउटसोर्स कर्मचारियों के समायोजन और खाली पदों को भरने सहित उनकी मांगों पर सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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