अनुसूचित जाति समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग ने किए प्रभावी कार्य : कुलदीप कुमार

13 अगस्त 2026 | खबर अभी-अभी
ऊना।

हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान अनुसूचित जाति समुदाय के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, भेदभाव एवं उत्पीड़न से जुड़े मामलों में त्वरित हस्तक्षेप और पात्र लोगों तक सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया है। आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार ने बुधवार को ऊना के रामपुर स्थित आयोग कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आयोग की कार्य अवधि की उपलब्धियां साझा कीं।

कुलदीप कुमार ने कहा कि आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित न रहे और अन्याय की स्थिति में उसे समय पर न्याय मिल सके। उन्होंने अनुसूचित जाति समुदाय के अधिकारों और कल्याण के लिए सरकार की ओर से मिल रहे सहयोग के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार भी जताया।

प्रेस वार्ता में आयोग के सदस्य डॉ. विजय डोगरा, कुमारी शालिनी जमवाल और सदस्य सचिव विश्रुत भारती भी मौजूद रहे।

शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई का दावा

कुलदीप कुमार ने बताया कि अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े उत्पीड़न, भेदभाव, छुआछूत, जाति के आधार पर भूमि विवाद और अन्य अधिकारों से संबंधित मामले आयोग के संज्ञान में आने पर संबंधित विभागों और जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की गई। आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर मामलों के निपटारे में तेजी लाने और पीड़ितों को समयबद्ध राहत दिलाने का प्रयास किया गया।

उन्होंने कहा कि आयोग की भूमिका केवल शिकायतों के निवारण तक सीमित नहीं है। लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों, सरकारी योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देना तथा पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाना भी आयोग की प्राथमिकताओं में शामिल है।

प्रदेशभर में जागरूकता अभियान

आयोग अध्यक्ष ने कहा कि जानकारी के अभाव में कई पात्र लोग सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते। इसे देखते हुए प्रदेशभर में जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में लोगों को संवैधानिक अधिकारों, कल्याणकारी योजनाओं, पात्रता और मिलने वाले लाभों की जानकारी दी जा रही है।

आयोग की ओर से अनुसूचित जाति समुदाय के अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित जागरूकता सामग्री भी तैयार की गई है, जिसे सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

जिला प्रशासन के साथ समीक्षा बैठकों पर जोर

कुलदीप कुमार ने बताया कि आयोग विभिन्न जिलों में जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठकें भी कर रहा है। इनमें अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े मामलों, अधिकारों की स्थिति और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाती है।

उन्होंने कहा कि आयोग का प्रयास शिकायतों के निवारण के साथ-साथ अधिकारों की सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यवस्था को मजबूत करना है।

स्कॉच अवार्ड-2026 के सेमीफाइनल में पहुंचा आयोग

कुलदीप कुमार ने कहा कि अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण के लिए आयोग द्वारा किए जा रहे कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। आयोग स्कॉच अवार्ड-2026 के सेमीफाइनल में पहुंचा है।

उन्होंने इसे अनुसूचित जाति समुदाय के अधिकारों के संरक्षण, जागरूकता और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

उन्होंने बताया कि इस उपलब्धि के संबंध में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भी मुलाकात कर उन्हें जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने आयोग के प्रयासों की सराहना करते हुए सामाजिक न्याय से जुड़ी पहलों को और मजबूत करने पर जोर दिया।

ऊना में बनेगा आयोग का स्थायी भवन

कुलदीप कुमार ने बताया कि राज्य अनुसूचित जाति आयोग के राज्य स्तरीय कार्यालय को शिमला से ऊना स्थानांतरित करना भी महत्वपूर्ण पहल रही है। अब ऊना में आयोग के स्थायी भवन के निर्माण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है।

उन्होंने बताया कि रामपुर-हरोली पुल के समीप 12 कनाल भूमि चिन्हित कर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के नाम हस्तांतरित कर दी गई है। भवन निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं।

लोक निर्माण विभाग के आर्किटेक्ट को भवन का नक्शा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही भवन के शिलान्यास की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही गई है।

कुलदीप कुमार के अनुसार, स्थायी भवन बनने के बाद प्रदेशभर से आने वाले लोगों को आयोग की सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी और आयोग की कार्यप्रणाली को भी मजबूती मिलेगी।

19 अगस्त 2024 को हुआ था आयोग का गठन

आयोग अध्यक्ष ने बताया कि हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग का गठन 19 अगस्त 2024 को हुआ था। इसके बाद 13 दिसंबर 2024 को ऊना के रामपुर में आयोग के कार्यालय का विधिवत उद्घाटन कर कार्य शुरू किया गया।

उन्होंने कहा कि आयोग आगे भी अनुसूचित जाति समुदाय के अधिकारों की रक्षा, शिकायतों के निवारण, जनजागरूकता और पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम करता रहेगा।

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