
नूरपुर (कांगड़ा)
दिनांक: 22 अक्टूबर 2026
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हिमाचल प्रदेश पुलिस के प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि ‘एंटी चिट्टा अभियान’ के तहत पुलिस जिला नूरपुर ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पीआईटी-एनडीपीएस (PIT-NDPS) अधिनियम के तहत 48,30,997 रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की है। यह मामला जिला कांगड़ा की तहसील इंदौरा के गांव सिरत निवासी एक कुख्यात तस्कर से जुड़ा है।
क्या था पूरा मामला?
गिरफ्तारी और बरामदगी: 30 जुलाई 2023 को पुलिस थाना डमटाल के अंतर्गत भद्राया में नाकाबंदी के दौरान आरोपी के कब्जे से 10.1 ग्राम चिट्टा और 8,500 रुपये नकद बरामद किए गए थे। इस संबंध में एनडीपीएस अधिनियम की धारा-21 और 25 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पुराना रिकॉर्ड: आरोपी के विरुद्ध वर्ष 2022 में भी एनडीपीएस अधिनियम के तहत दो अन्य मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें क्रमशः 8.35 ग्राम और 9.92 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी।
तस्कर की लगातार संलिप्तता को देखते हुए नूरपुर पुलिस ने उसे पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत हिरासत में लेने की सिफारिश की थी।
वित्तीय जांच और जब्ती की प्रक्रिया
पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए आरोपी की चल और अचल संपत्तियों की विस्तृत वित्तीय जांच की और कुल 48,30,997 रुपये की संपत्ति की पहचान की:
आवासीय मकान: जिला कांगड़ा की तहसील इंदौरा के गांव छन्नी में स्थित 45,90,557 रुपये मूल्य का एक आवासीय मकान।
नकद व अन्य संपत्ति: मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित कुल 2,40,440 रुपये।
एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68एफ(1) के तहत 12 जून 2025 को संपत्ति फ्रीज करने का आदेश जारी किया गया था, जिसे सक्षम प्राधिकारी द्वारा 9 जुलाई 2025 को पुष्टि प्रदान की गई। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इन संपत्तियों को पूरी तरह जब्त कर लिया गया है।
नशे के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने पर जोर
प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के ‘नशामुक्त हिमाचल’ के विजन और एंटी चिट्टा अभियान के प्रति पुलिस की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस अभियान का उद्देश्य केवल तस्करों को गिरफ्तार करना ही नहीं, बल्कि अवैध गतिविधियों से खड़ी की गई संपत्तियों के नेटवर्क को आर्थिक रूप से समाप्त करना है।
पुलिस जिला नूरपुर ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही, आम जनता से अपील की गई है कि वे नशे से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी पुलिस के साथ साझा करें ताकि युवाओं को इस सामाजिक कुरीति से बचाया जा सके।





