कुल्लू दशहरा उत्सव: द्वितीय दिवस पर देवताओं की भव्य जलेब में उमड़ी आस्था

कुल्लू
दिनांक: 22 अक्टूबर 2026
खबर अभी अभी

अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दूसरे दिन ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। उत्सव के दूसरे दिन महाराजा कोठी के देवता नरसिंह की पहली भव्य जलेब (शोभायात्रा) निकाली गई, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से पधारे देवी-देवताओं ने पूरी देव गरिमा के साथ भाग लिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप और देव धुनों के बीच निकली इस जलेब ने पूरे कुल्लू घाटी को भक्तिमय कर दिया।

जलेब में शामिल प्रमुख आराध्य देवता
दूसरे दिन की इस पहली जलेब में भाग लेने वाले प्रमुख देवी-देवता निम्नलिखित रहे:

महाराजा कोठी के पीज के आराध्य देवता जमदग्नि ऋषि

जोंगा के गौरी देवता

लोट के देवता वीरकैला

जोंगा के देवता हुरगू नारायण

कमांद के देवता वीर कैला

पीज के देवता अजयपाल

खल्याणी के देवता पांचवीर बराधी

इन सभी देवी-देवताओं ने अपने पारंपरिक रथों और साज-सज्जा के साथ जलेब की शोभा बढ़ाई। इस दौरान उनके साथ आए सैकड़ों देवलु और स्थानीय लोग भी पारंपरिक वाद्ययंत्रों (ढोल-नगाड़ों और नरसिंग्या) की धुन पर झूमते नजर आए।

कुल्लू दशहरा की अनूठी परंपरा
कुल्लू दशहरा उत्सव की यह जलेब यहां की संस्कृति का मुख्य आकर्षण होती है, जिसमें भगवान रघुनाथ जी के साथ-साथ घाटी के सैकड़ों देवी-देवता भाग लेते हैं। इस भव्य आयोजन के दर्शन करने के लिए देश-विदेश से हजारों की संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु ढालपुर मैदान पहुंचे हैं। प्रशासन और उत्सव समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

Share the news