
शिमला
दिनांक: 22 अक्टूबर 2026
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बच्चों में प्रारंभिक अवस्था से ही नैतिक मूल्यों, अनुशासन, करुणा, बड़ों के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से कक्षा पहली से नैतिक शिक्षा शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आज शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही।
शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियां नहीं: मुख्यमंत्री
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान या शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और उनके सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के साथ-साथ उनमें नैतिकता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति समझ विकसित करना आज की आवश्यकता है।
सीबीएसई स्कूलों और पाठ्यक्रम की प्रगति की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) का पाठ्यक्रम लागू करने की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले स्कूलों में योग्य शिक्षकों की उपलब्धता, पर्याप्त प्रशासनिक कर्मचारियों की तैनाती और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
सीबीएसई स्कूलों के लिए जूनियर बेसिक टीचर (जेबीटी) के 600 पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए तथा 100 नए स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
स्कूलों का सुचारू संचालन बनाए रखने के लिए शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की आवश्यकताओं का समय रहते आकलन कर उन्हें योजनाबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
मिनिस्ट्रीयल स्टाफ और नई भर्तियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने सीबीएसई स्कूलों में मिनिस्ट्रीयल स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की आवश्यकता की भी समीक्षा की और निर्धारित मानदंडों के अनुसार कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, बैठक में नई योजना आधारित भर्ती प्रक्रिया के तहत 3,900 शिक्षकों और 900 गैर-शिक्षकों के पदों को भरने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई, ताकि सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावी निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए सभी निर्णयों को निर्धारित समयसीमा के भीतर धरातल पर लागू किया जाए। इस अवसर पर शिक्षा सचिव डॉ. यूनुस, निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली सहित शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।





