
शिमला
दिनांक: 22 अक्टूबर 2026
खबर अभी अभी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी एक तीखे बयान में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “लोकप्रिय” मुख्यमंत्री को भाजपा के गुट गिनाने के बजाय अपनी खुद की पार्टी और सरकार पर ध्यान देना चाहिए।
“मंत्रिमंडल नहीं, मित्रमंडल की सरकार चला रहे हैं सुक्खू”
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि न तो मुख्यमंत्री से सरकार संभल रही है और न ही पार्टी। प्रदेश के लोग आज राज्य की बदहाल स्थिति से भली-भांति परिचित हैं, जहां विकास से लेकर जनहित के सभी कार्य ठप पड़े हैं।
एक कल्याणकारी राज्य के बजाय ‘शुल्क की सरकार’ चलाई जा रही है।
मुख्यमंत्री जीवन भर एक गुट की राजनीति करते रहे हैं और आज भी सिर्फ एक गुट की सरकार चला रहे हैं, बाकी प्रदेश और अन्य नेताओं को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है।
मुख्यमंत्री अपने मंत्रिमंडल को ही इकट्ठा नहीं कर पा रहे हैं और आज उनके साथ चार लोग भी खड़े नहीं हैं। मंत्रिमंडल को दरकिनार कर ‘मित्रमंडल’ की सरकार चलाई जा रही है।
जयराम ठाकुर ने चुनौती देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने भाजपा के पांच गुट तो गिना दिए, लेकिन बेहतर होता यदि वे अपने चार साल के कार्यकाल के चार काम गिनाते। जब कोई काम किया ही नहीं है, तो वे क्या गिनाएंगे? उनके पास बताने के लिए केवल भाजपा के समय शुरू की गई योजनाओं और संस्थानों को बंद करने के अलावा कुछ नहीं है।
उड़ान योजना पर केंद्र का आभार जताएं मुख्यमंत्री
केंद्र सरकार की ‘उड़ान योजना’ का जिक्र करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि इस केंद्रीय योजना में सर्वाधिक योगदान केंद्र सरकार का होता है, लेकिन मुख्यमंत्री केंद्र को श्रेय देना तो दूर, उसका नाम लेने से भी कतराते हैं।
इस योजना के तहत होने वाली वायबिलिटी गैप फंडिंग (व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण) का सर्वाधिक हिस्सा केंद्र सरकार द्वारा दिया जाता है, जबकि राज्य सरकार केवल नाममात्र का हिस्सा देती है।
मुख्यमंत्री को सामान्य शिष्टाचार का निर्वहन करते हुए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करना चाहिए। प्रदेश में विकास के जो भी कार्य हो रहे हैं, वे मुख्य रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में केंद्र से मिले आर्थिक सहयोग के कारण ही संभव हो पा रहे हैं।
अराजकता, भ्रष्टाचार और ठगी का लगाया आरोप
जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर अराजकता और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा:
आपदा से टूटी सड़कें आज भी वैसी ही जर्जर स्थिति में हैं।
पूरे प्रदेश में नशा पैर पसार चुका है और स्वास्थ्य सुविधाएं गर्त में जा रही हैं।
लोगों को न ‘हिमकेयर’ योजना का लाभ मिल रहा है और न ही ‘आयुष्मान’ योजना का, जिससे इलाज के लिए लोगों का भटकना आम बात हो गई है।
नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी और आउटसोर्स भर्तियों के नाम पर ‘मित्र मंडली’ द्वारा वसूली के आरोप लग रहे हैं।
सरकार की नाकामियों को उजागर करने वाले नागरिकों और नेताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि उनकी आवाज को दबाया जा सके।
अंत में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चौतरफा नाकामियों से घिरे मुख्यमंत्री इधर-उधर की बयानबाजी करके सिर्फ अपना समय काट रहे हैं।





