
21 अक्टूबर, 2026 | खबर अभी-अभी | सुंदरनगर

सुंदरनगर। बालिका आश्रम सुंदरनगर में दशहरा उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) सुंदरनगर पूनम चौहान ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने बालिकाओं को दशहरा पर्व के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व से अवगत करवाया तथा जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
पूनम चौहान ने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह पर्व हमें सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि रावण के दस सिर काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर, अहंकार, आलस्य, हिंसा और चोरी जैसी बुराइयों के प्रतीक माने जाते हैं। इन बुराइयों का त्याग कर व्यक्ति अपने जीवन में नैतिक मूल्यों और अच्छे संस्कारों को अपना सकता है।
श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान
सीडीपीओ ने कहा कि भगवान श्रीराम की विजय हमें सिखाती है कि बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः जीत अच्छाई की ही होती है। उन्होंने बालिकाओं से सत्य, सदाचार और न्याय के मार्ग पर चलने तथा जीवन में सकारात्मक सोच अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि त्योहार हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखने के साथ बच्चों में नैतिक मूल्यों, एकता और आपसी भाईचारे की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान दशहरा पर्व की परंपराओं और आदर्शों को याद किया गया। बालिकाओं को जीवन में बुराइयों से दूर रहकर अच्छे संस्कार अपनाने और समाज में सकारात्मक योगदान देने का संदेश दिया गया।





