
मंडी
दिनांक: 22 अक्टूबर 2026
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बच्चों को कृषि से जोड़ने, खेती के प्रति उनकी रुचि बढ़ाने और उन्हें आधुनिक व प्राकृतिक कृषि पद्धतियों से परिचित कराने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (HPCDP-II), जायका (JICA-ODA) के अंतर्गत ‘नेक्स्ट जनरेशन’ 7 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंडी जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय राजगढ़ और लोहारा में ओरिएंटेशन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कृषि: अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा का मुख्य आधार
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि कृषि केवल आजीविका का साधन ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास का महत्वपूर्ण आधार है। बदलते समय में खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाने के लिए:
नई तकनीकों और उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाना
प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण को बढ़ावा देना
फसल विविधीकरण (Crop Diversification) और पोषणयुक्त आहार के प्रति जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य और गतिविधियां
‘नेक्स्ट जनरेशन’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में कृषि के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और उन्हें भविष्य में कृषि तथा इससे जुड़े विभिन्न व्यवसायों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
इसके तहत विद्यार्थियों को व्यावहारिक गतिविधियों, जागरूकता सत्रों और विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं के माध्यम से कृषि की उपयोगिता से परिचित करवाया जाएगा। कार्यक्रम में विशेष रूप से निम्नलिखित विषयों पर ध्यान दिया जा रहा है:
संतुलित भोजन एवं पोषण
प्राकृतिक खेती, उन्नत कृषि तकनीकें और जलवायु अनुकूल खेती
कृषि में रोजगार एवं बाजार की नई संभावनाएं
नर्सरी प्रबंधन, वर्मी कम्पोस्ट और पोषण वाटिका का निर्माण
फलदार पौधों का महत्व, कृषि आधारित उद्यमिता (Agri-Entrepreneurship) और पर्यावरण संरक्षण
ये रहे उपस्थित
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान आईईसी विशेषज्ञ सुशील कुमार शर्मा, खंड परियोजना प्रबंधक (मंडी) डॉ. राजेश कुमार, कृषि विशेषज्ञ अमित शर्मा, कृषि प्रसार अधिकारी नीरज, जिला कार्यक्रम समन्वयक गुरदेव शर्मा, खंड समन्वयक (मंडी) अश्वनी कुमार, खंड समन्वयक (गोहर) आशीष कुमार तथा दोनों विद्यालयों से लगभग 100 विद्यार्थी उपस्थित रहे।





