
2 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | शिमला

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को प्रश्नकाल में कसौली विधानसभा क्षेत्र में जायका प्रोजेक्ट के तहत चल रही छह सिंचाई योजनाओं का मामला उठा। कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने योजनाओं के कार्यों की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कार्यों में किसी भी तरह की खामी, कोताही या अनियमितता पाई गई तो जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने उठाए सवाल
कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने जायका प्रोजेक्ट के तहत क्षेत्र में चल रहे कार्यों पर सवाल उठाते हुए समानांतर योजनाओं और धन के संभावित दुरुपयोग की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र की दो पंचायतों में सिंचाई विभाग की योजनाओं और जायका प्रोजेक्ट के कार्यों के बीच तालमेल को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
विधायक ने कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए इन छह सिंचाई योजनाओं का ऑडिट करवाने की मांग की।
4.95 करोड़ रुपये की छह योजनाएं
कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने बताया कि जायका प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन कृषि विभाग द्वारा किया जा रहा है और परियोजना 2021 से 2029 तक चलेगी। उन्होंने बताया कि कसौली क्षेत्र में प्रोजेक्ट के तहत छह फ्लो इरीगेशन योजनाएं ली गई हैं, जिन पर कुल करीब 4.95 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि ये नई कूहलें नहीं हैं, बल्कि पहले से अस्तित्व में रही कूहलों को ही परियोजना के तहत शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि जायका प्रोजेक्ट में पहले लाभार्थियों के समूह बनाए जाते हैं और इसके बाद योजनाओं को क्रियान्वित किया जाता है।
खामी मिली तो होगी कार्रवाई
पूरक सवाल के जवाब में कृषि मंत्री ने कहा कि यदि कार्यों में निर्धारित मानकों का उल्लंघन, गुणवत्ता में कमी या किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कसौली में जायका प्रोजेक्ट के तहत चल रही छह सिंचाई योजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सरकार को उपलब्ध करवाई जाए। इससे योजनाओं की प्रगति, कार्यों की गुणवत्ता और सामने आई शिकायतों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।





