
15 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | शिमला
शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने किशाऊ बांध परियोजना को लेकर हुए समझौते को हिमाचल के हितों की ऐतिहासिक जीत बताया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल होने की स्थिति में प्रदेश की जनता को उसका उचित लाभ मिलना चाहिए और सरकार ने पिछले करीब तीन वर्षों से इसी उद्देश्य को लेकर लगातार संघर्ष किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार की नीतियों और फैसलों के कारण हिमाचल के हितों को नुकसान पहुंचा और ऐसी व्यवस्था विरासत में मिली, जिसमें 211 मेगावाट बिजली के लिए हिमाचल को करीब 3,000 करोड़ रुपये का बोझ उठाना पड़ता। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस अन्यायपूर्ण व्यवस्था के सामने झुकने से इनकार किया।
मुख्यमंत्री के अनुसार अब हुए समझौते से हिमाचल को बिना कोई निवेश किए हर वर्ष करीब 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये की आय होगी। उन्होंने इसे प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों पर हिमाचल के अधिकार और जनता के हितों की जीत बताया।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक समझौता नहीं है, बल्कि हिमाचल के संसाधनों से प्रदेश को उचित लाभ दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि सरकार ने राजनीति से ऊपर उठकर हिमाचल का हक चुना और प्रदेश पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ के बजाय आय का रास्ता सुनिश्चित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई सरकार हिमाचल के हितों के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ खड़ी होती है, तो उसके सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि किशाऊ परियोजना को लेकर हुआ समझौता इसी दृढ़ संकल्प का परिणाम है।
उन्होंने इस उपलब्धि को प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की उपलब्धि बताते हुए समस्त हिमाचलवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल के हितों की रक्षा के लिए सरकार का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।






