
खबर अभी-अभी | 21 अगस्त, 2026।
ऊना।
राजकीय महाविद्यालय ऊना में फीस वृद्धि को लेकर चल रहा विवाद शुक्रवार को एक बार फिर चर्चा में आ गया। विद्यार्थियों की समस्याओं और फीस बढ़ोतरी के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की ऊना इकाई ने महाविद्यालय परिसर में प्रतीकात्मक रूप से ‘सद्बुद्धि हवन’ किया। परिषद कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रशासन से विद्यार्थियों के हित में जल्द निर्णय लेने की मांग उठाई।
हवन के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर आहुति डाली। इस दौरान विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, महाविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण और छात्रहित से जुड़े मामलों के जल्द समाधान की कामना की गई। परिषद ने इसे फीस वृद्धि के मुद्दे पर कॉलेज प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रतीकात्मक प्रयास बताया।
BBA और BCA सहित सेल्फ फाइनेंस्ड कोर्सों की फीस पर उठाए सवाल
ABVP का आरोप है कि महाविद्यालय में संचालित सेल्फ फाइनेंस्ड कोर्सों, विशेषकर BBA और BCA जैसे पाठ्यक्रमों की फीस में काफी बढ़ोतरी की गई है। परिषद के अनुसार फीस में करीब 50 से 60 प्रतिशत तक वृद्धि होने से नए सत्र में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
परिषद ने बढ़ाई गई फीस का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा वापस लेने की मांग की है। साथ ही भविष्य में फीस में हर वर्ष करीब 5 से 10 प्रतिशत तक ही बढ़ोतरी करने की मांग उठाई गई है, ताकि विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर अचानक आर्थिक दबाव न पड़े।
विश्वविद्यालय स्तर पर भी फीस बढ़ोतरी का आरोप
ABVP ने विश्वविद्यालय स्तर पर भी फीस में बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया। परिषद का आरोप है कि विश्वविद्यालय स्तर पर करीब 25 से 30 प्रतिशत तक फीस बढ़ाई गई है। परिषद का कहना है कि इससे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर दोहरी आर्थिक मार पड़ रही है।
वाई-फाई सुविधा पर भी उठाए सवाल
फीस वृद्धि के साथ-साथ ABVP ने महाविद्यालय में वाई-फाई सुविधा को लेकर भी सवाल उठाए। परिषद का कहना है कि विद्यार्थियों से दाखिले के समय वाई-फाई के नाम पर शुल्क लिया जाता है, लेकिन परिसर में पर्याप्त और सुचारू इंटरनेट सुविधा नहीं मिल पा रही है।
ABVP कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रशासन से वाई-फाई सुविधा की स्थिति स्पष्ट करने और विद्यार्थियों को बेहतर इंटरनेट सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की।
बैठकों के बावजूद नहीं हुआ समाधान: ABVP
परिषद कार्यकर्ताओं का कहना है कि फीस वृद्धि और अन्य छात्र समस्याओं को लेकर कॉलेज प्रशासन के साथ पहले भी कई दौर की बातचीत हो चुकी है। ABVP का आरोप है कि बैठकों के बावजूद अभी तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया और लगातार तारीखें आगे बढ़ाई जा रही हैं।
इसी से नाराज होकर परिषद ने शुक्रवार को ‘सद्बुद्धि हवन’ के माध्यम से कॉलेज प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की।
कॉलेज प्रशासन ने कहा—नहीं ली गई थी अनुमति
उधर, कॉलेज प्रशासन ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से विद्यार्थियों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है और उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जा रहा है। प्रशासन के अनुसार हवन के दौरान स्थिति को देखते हुए बीच में हस्तक्षेप नहीं करने का निर्णय लिया गया।
कॉलेज प्राचार्य डॉ. मीता शर्मा ने स्पष्ट किया कि हवन के आयोजन के लिए कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई अनुमति नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में किसी भी कार्यक्रम की तारीख तय करते समय परीक्षा, कॉलेज की अन्य गतिविधियों और विभिन्न परिस्थितियों को ध्यान में रखना पड़ता है।
प्राचार्य ने कहा कि फीस वृद्धि सहित विद्यार्थियों की अन्य मांगों को संबंधित कमेटी के समक्ष रखा जाएगा और नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि फीस से संबंधित निर्णय निर्धारित प्रक्रिया और संबंधित कमेटी के विचार के बाद लिया जाता है।
प्रतीकात्मक हवन के जरिए दिया संदेश
ABVP कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ जाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रशासन और संबंधित अधिकारियों तक मजबूती से पहुंचाना है। परिषद ने कहा कि उनकी मुख्य मांग फीस वृद्धि में राहत देने और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने की है।
वहीं, कॉलेज प्रशासन ने सभी मांगों पर नियमानुसार विचार करने की बात कही है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बैठकों और संबंधित कमेटी के निर्णय पर विद्यार्थियों की नजर टिकी हुई है।





