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नौणी,
5 जून 2026: डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन के पर्यावरण विज्ञान विभाग एवं स्पेस क्लब द्वारा मेरा युवा भारत केंद्र, सोलन तथा यूको बैंक, सोलन के सहयोग से विश्व पर्यावरण दिवस 2026 का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम प्रकृति से प्रेरित: जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए रही। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के 150 विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों तथा यूको बैंक के 15 अधिकारियों ने भाग लिया।
पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 5 जून को प्रातः 6 बजे रन फॉर नेचर, रन फॉर ए बेटर फ्यूचर विषय पर ओपन मैराथन दौड़ आयोजित की गई। इसके अतिरिक्त प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता तथा पर्यावरण विज्ञान विभाग के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों द्वारा नवाचार आधारित स्टार्टअप विचारों की प्रस्तुति भी आयोजित की गई।
15 से 60 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागियों के लिए आयोजित मैराथन में पुरुष, महिला एवं फन रन श्रेणियां रखी गईं। पुरुष वर्ग में सचिन ने प्रथम, चंद्रशेखर गावड़े ने द्वितीय तथा अभिषेक अवस्थी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में मारवी प्रथम, आरती ठाकुर द्वितीय तथा तेजस्वनी गौतम तृतीय स्थान पर रहीं। फन रन श्रेणी में महेंद्र ने प्रथम, शशि कांत ने द्वितीय तथा अंकुश शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
पांच टीमों के लगभग 60 विद्यार्थियों की भागीदारी वाली प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में हिमालय समूह प्रथम, अरावली समूह द्वितीय तथा नीलगिरि समूह तृतीय स्थान पर रहा।
नवाचार आधारित स्टार्ट-अप विचारों की प्रस्तुति में युधवीर द्वारा प्रस्तुत शून्य प्लास्टिक अपशिष्ट जीवन चक्र (Zero Plastic Waste Life Cycle) की अवधारणा को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया। वहीं तन्वी शर्मा द्वारा प्रस्तुत हाइड्रोजियोलॉजिकल आपदा प्रबंधन तथा तान्या नेगी द्वारा प्रस्तुत छंटाई अपशिष्ट के जैव-पुनर्चक्रण द्वारा जैव-भूरासायनिक चक्रों के संरक्षण संबंधी विचारों को क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में पर्यावरण विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. सतीश कुमार भारद्वाज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पूजा चंद, जोनल हेड, यूको बैंक, विशिष्ट अतिथि रहीं, जबकि राजीव, डिप्टी जोनल हेड तथा वरुण मारवाड़ी, शाखा प्रबंधक, यूको बैंक नौणी, विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में प्रो. भारद्वाज ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में प्रकृति एक महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने कहा कि प्रकृति अत्यधिक मौसमीय घटनाओं के माध्यम से संकेत देती है और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए जिम्मेदार व्यवहार अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने भूमि, आर्द्रभूमियों एवं वनों के पुनर्जीवन, जलवायु-अनुकूल कृषि प्रणालियों को अपनाने तथा वर्ष 2030 तक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 50 प्रतिशत कमी लाने की आवश्यकता पर बल दिया।
पूजा चंद ने पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने में वित्तीय संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डाला तथा ग्रीन फिक्स्ड डिपॉजिट जैसी पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने कम-कार्बन जीवनशैली, जागरूक उपभोग और स्थानीय संरक्षण गतिविधियों में सहभागिता का आह्वान किया तथा कहा कि प्रकृति-आधारित समाधान जलवायु लचीलापन विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्पेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. हुकम चंद शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियानों के माध्यम से यह अभियान पूरे सप्ताह जारी रहेगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एच.एस. बावेजा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विद्यार्थियों एवं आयोजकों को बधाई दी तथा पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
डॉ. कार्तिकेय साहिल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया तथा यूको बैंक और डेकाथलॉन सोलन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रश्नोत्तरी एवं नवाचार प्रतियोगिताओं के प्रायोजन हेतु मेरा युवा भारत केंद्र, सोलन का भी धन्यवाद किया।





