
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
13 जून 2023
बल्ह घाटी में टमाटर की फसल ब्लाइट की चपेट में आ गई है। इससे टमाटर उत्पादक सकते में हैं। अब तक 20 प्रतिशत फसल इस बीमारी के कारण खराब हो चुकी है। इससे किसानों को लाखों की चपत लग गई है।
रोग के फैलते ही कृषि विभाग में भी हड़कंप मच गया है। विभाग के कर्मचारी खेतों में जाकर फसल को बचाने के तरीका किसानों को बता रहे हैं। किसानों का कहना है कि बेमौसमी बरसात से रोग तेजी से फैल रहा है। अगर जल्द रोग पर काबू नहीं किया तो किसानों को करोड़ों का घाटा हो जाएगा। बल्ह घाटी में करीब 1500 हेक्टेयर में टमाटर की खेती की गई है। अब जब टमाटर की फसल तैयार है तो किसान फसल को बचाने के लिए परेशान हैं। विभाग की टीम ने सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र टांवा, कुम्मी, स्टोह, राजगढ़, नागचला का दौरा कर किसानों को बीमारी की रोकथाम के उपाय बताए।

टीम की अगवाई बल्ह ब्लॉक के एसएमएस डॉ. धर्म सिंह चौहान ने की। उन्होंने स्वयं खेतों का निरीक्षण किया। बल्ह घाटी की बात करें तो टमाटर की खेती मुख्य रूप से टांवा, खांदला, भयुरा, राजगढ़, स्टोह, घट्टा, कुम्मी, ढ़ावण, लोहारा, चंडयाल ढांगू, नेरचौक रत्ती, नागचला, भडयाल आदि स्थानों पर की गई है। टमाटर की खेती को खराब होता देख कृषि विभाग भंगरोटू की टीम ने भी खेतों का दौरा किया है।
टमाटर की फसल को लगने वाली ब्लाइट बीमारी के दो मुख्य लक्षण हैं। इसमें मुख्य रूप से पौधों में धब्बे आना व टमाटर पर दाग आना मुख्य है। मौसम में बदलाव होना, बार-बार बारिश से खेतों में नमी ज्यादा आ रही है। इससे जमीन का तापमान कम हो रहा है। 20 डिग्री व इससे कम तापमान होने से फसल बीमारी की चपेट में आ रही है। ज्यादा बारिश टमाटर की खेती के लिए नुकसानदायक है।
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