
18 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | सोलन

नौणी। राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (NSQF) परियोजना के तहत डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के विस्तार शिक्षा निदेशालय द्वारा वोकेशनल ट्रेनर्स के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों से 49 वोकेशनल ट्रेनर्स ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को व्यावसायिक शिक्षा से संबंधित आवश्यक ज्ञान, कौशल और प्रभावी प्रशिक्षण तकनीकों की जानकारी दी गई। इसके अलावा NSQF परियोजना के तहत उपलब्ध धनराशि के उचित उपयोग, बाग प्रबंधन, फल उत्पादन, कटाई-छंटाई, कलम लगाने की तकनीक, फल एवं सब्जी फसलों में रोग एवं कीट प्रबंधन तथा व्यावसायिक अवसरों से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण को व्यावहारिक स्वरूप देने के लिए प्रतिभागियों को फल प्रसंस्करण इकाई, पुष्प उत्पादन प्रयोगशाला तथा नवाचार एवं उद्यमिता केंद्र का भ्रमण करवाया गया। इस दौरान उन्हें फल प्रसंस्करण, व्यावसायिक फूलों के प्रबंधन, मशरूम उत्पादन और उद्यमिता से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी गई।
प्रतिभागियों को कार्यस्थल आधारित प्रशिक्षण, करियर मार्गदर्शन, रोजगार मेला और कौशल बोध कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों के प्रति जागरूक करने के तरीकों से भी अवगत करवाया गया।
कार्यक्रम का समन्वय डॉ. मीना कुमारी तथा सह-समन्वय डॉ. दिव्या चौधरी ने किया।
समापन अवसर पर निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ. धर्म पाल शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में कौशल विकास युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से वोकेशनल ट्रेनर्स को नवीन तकनीकों और व्यावहारिक कौशल की जानकारी मिली है, जिसे वे विद्यार्थियों तक पहुंचाकर उन्हें विभिन्न कौशल एवं रोजगार के अवसरों के प्रति जागरूक कर सकते हैं।
डॉ. शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल रोजगार की तलाश तक सीमित रहने के बजाय अपने कौशल को निखारकर स्वरोजगार, उद्यमिता और आय सृजन के अवसरों को भी अपनाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि NSQF परियोजना के तहत इस प्रकार के प्रयास विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुसार कौशल विकसित करने और भविष्य के बेहतर करियर विकल्प चुनने में मदद कर सकते हैं।





