
शिमला | 13 अगस्त 2026
खबर अभी अभी

शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र को 30 नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिली है। लोक निर्माण मंत्री एवं शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने गुरुवार को शिमला के पुराने बस अड्डे से नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों, मानसून के दौरान सड़कों की बहाली और परिवहन व्यवस्था को लेकर सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में करीब 650 करोड़ रुपये की लागत से सड़क, पुल और सरकारी भवनों से जुड़े विभिन्न विकास कार्य चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों, कर्मचारियों और बागवानों की परिवहन संबंधी समस्याओं को देखते हुए क्षेत्र के लिए 30 नई इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं।
18 रूटों पर शुरू हुआ ई-बसों का संचालन
मंत्री के अनुसार, पहले चरण में टूटू क्षेत्र से जुड़े 18 रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि सुन्नी क्षेत्र के लिए भी बसें जल्द शुरू की जाएंगी और सुन्नी बस स्टैंड को सब-डिपो का दर्जा देने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों की करीब 150 किलोमीटर की बैटरी क्षमता को देखते हुए दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल और इलेक्ट्रिक बसों का संतुलित इस्तेमाल किया जाएगा।
शिमला शहर और आसपास के क्षेत्रों में टैक्सी सुविधा बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।
ईंधन के दाम और सेस पर भाजपा को जवाब
ईंधन की कीमतों और राज्य सरकार द्वारा लगाए गए सेस को लेकर भाजपा की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर विक्रमादित्य सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने भाजपा नेताओं को सलाह दी कि किसी मुद्दे पर बयान देने से पहले उसके तथ्यों की जानकारी हासिल करें।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का मुख्य संबंध केंद्र की नीतियों से है। राज्य सरकार द्वारा लगाए गए 60 पैसे प्रति लीटर सेस का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि इससे प्राप्त राशि अनाथ बच्चों, बेसहारा लोगों और गरीब परिवारों के कल्याण पर खर्च की जा रही है।
विक्रमादित्य सिंह ने E20 पेट्रोल को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि एथेनॉल मिश्रण के कारण कुछ वाहनों की माइलेज प्रभावित हो रही है, जिसका अतिरिक्त आर्थिक बोझ उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
₹1500 करोड़ की सहायता को लेकर केंद्र पर सवाल
विक्रमादित्य सिंह ने केंद्र की ओर से घोषित करीब 1,500 करोड़ रुपये की आपदा एवं विकास सहायता राशि का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि यह राशि अभी तक हिमाचल प्रदेश को प्राप्त नहीं हुई है।
सांसद कंगना रणौत के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी के बजाय उन्हें केंद्र के समक्ष हिमाचल के हक की राशि जारी करवाने के लिए प्रयास करना चाहिए।
मानसून में प्रभावित सड़कों को लेकर सरकार का दावा
लोक निर्माण मंत्री ने मानसून के दौरान प्रदेश में क्षतिग्रस्त हो रही सड़कों की बहाली को लेकर कहा कि विभाग ने भारी मशीनरी तैनात की है और वह स्वयं इसकी रोजाना निगरानी कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बरसात के दौरान प्रतिदिन करीब 200 से 250 सड़कें प्रभावित होती हैं, जिनमें से लगभग 100 सड़कों को उसी दिन शाम तक यातायात के लिए बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
तारकोल के दाम बढ़ने से टारिंग प्रभावित
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिटुमेन की कीमतों में वृद्धि के कारण मार्च-अप्रैल के दौरान करीब 35 से 40 किलोमीटर सड़कों की टारिंग प्रभावित हुई थी। अब दरों में संशोधन को मंजूरी मिलने के बाद मानसून समाप्त होते ही टारिंग का काम तेज गति से शुरू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सेब बागवानों और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए छैला-यशवंत नगर-नेरीपुल सड़क के लिए 203 करोड़ रुपये और खमाड़ी सड़क के लिए 36 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर परिवहन, सड़क संपर्क और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाना है और मानसून के बाद सड़क निर्माण एवं टारिंग के कार्यों में तेजी लाई जाएगी।






