
17 अगस्त 2026 | खबर अभी-अभी
सुजानपुर टीहरा, हमीरपुर


सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा ने अपनी गौरवशाली उपलब्धियों की कड़ी में एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। विद्यालय के सात कैडेट्स का राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के 156वें कोर्स के लिए चयन हुआ है। इस उपलब्धि से विद्यालय परिसर में खुशी का माहौल है और चयनित कैडेट्स के अभिभावकों एवं शिक्षकों में भी उत्साह है।
NDA में चयन को कैडेट्स की कड़ी मेहनत, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और समर्पण का परिणाम माना जा रहा है। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, कैडेट्स को शैक्षणिक शिक्षा के साथ-साथ सैन्य प्रशिक्षण, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास के लिए निरंतर तैयार किया जाता है।
इन सात कैडेट्स का हुआ चयन
NDA के 156वें कोर्स के लिए चयनित कैडेट्स में सक्षम चिब, शिवांश शर्मा, आदित्य सकलानी, आयुष, तनव बनयाल, अंशुमन गौतम और आर्यन माल्टू शामिल हैं।
विद्यालय के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि NDA में चयन देश की प्रतिष्ठित सैन्य प्रशिक्षण व्यवस्था में प्रवेश का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। चयनित कैडेट्स को आगे सैन्य शिक्षा एवं प्रशिक्षण के माध्यम से देश की रक्षा सेवाओं में अधिकारी के रूप में करियर बनाने का अवसर मिलेगा।
अनुशासन और सैन्य प्रशिक्षण पर जोर
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि कैडेट्स की सफलता केवल शैक्षणिक प्रदर्शन का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे नियमित प्रशिक्षण, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और कठिन परिश्रम की महत्वपूर्ण भूमिका है।
सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ सैन्य जीवन की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाता है। विद्यालय का उद्देश्य कैडेट्स में जिम्मेदारी, नेतृत्व, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करना है।
विद्यालय परिवार ने दी बधाई
विद्यालय की प्रधानाचार्य ग्रुप कैप्टन रचना जोशी, उप-प्रधानाचार्य कमांडर अक्षय साहू तथा समस्त स्टाफ ने NDA के 156वें कोर्स के लिए चयनित सभी सात कैडेट्स और उनके अभिभावकों को बधाई दी।
विद्यालय प्रबंधन ने चयनित कैडेट्स के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वे आगे भी इसी लगन और अनुशासन के साथ अपने प्रशिक्षण को पूरा करेंगे तथा भविष्य में देश की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
सात कैडेट्स का एक साथ NDA के 156वें कोर्स के लिए चयन सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा की शैक्षणिक एवं सैन्य प्रशिक्षण व्यवस्था की एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।






