
खबर अभी-अभी | 21 अगस्त, 2026 | सोलन।

जिला स्तरीय प्रशिक्षुता समिति (DLAC) सोलन द्वारा राष्ट्रीय प्रशिक्षुता संवर्धन योजना (NAPS) एवं राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रशिक्षण योजना (NATS) विषय पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (BBNIA) के सहयोग से आयोजित की गई।
कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त सोलन एवं जिला स्तरीय प्रशिक्षुता समिति के अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य उद्योगों को प्रशिक्षुता योजनाओं के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान करना तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े उद्योगों के सुझावों और समस्याओं पर चर्चा करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सोलन की प्रधानाचार्य एवं जिला स्तरीय प्रशिक्षुता समिति की सदस्य सचिव इंजीनियर नवीन कुमारी ने किया। उन्होंने उपस्थित अतिथियों, समिति सदस्यों और उद्योग प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए बैठक के एजेंडा और प्रशिक्षुता योजनाओं के महत्व पर प्रकाश डाला।
बैठक के दौरान विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों ने प्रशिक्षुता कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी और उद्योग-अनुकूल बनाने के लिए कई सुझाव दिए। इनमें समयबद्ध प्रतिपूर्ति, एकल खिड़की प्रशिक्षुता पोर्टल, शिफ्ट आधारित कार्य में अधिक लचीलापन, क्लस्टर स्तर पर प्रशिक्षुता पूल का गठन, पूर्व प्रशिक्षण की मान्यता और उद्योग-विशिष्ट प्रशिक्षुता परिषदों के गठन जैसे सुझाव शामिल रहे।
इसके अलावा बहु-राज्यीय प्रतिष्ठानों के लिए केंद्रीकृत व्यवस्था, प्रशिक्षुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नियंत्रक की बजाय सहयोगी और मार्गदर्शक की भूमिका को बढ़ावा देने की मांग भी उठाई गई।
उद्योग प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए प्रश्नों और सुझावों पर जिला स्तरीय प्रशिक्षुता समिति के सदस्यों के अलावा पूर्व निदेशक तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग हिमाचल प्रदेश विवेक चंदेल तथा क्षेत्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता निदेशालय शिमला के सहायक निदेशक हेमंत कुमार सिंह ने विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने प्रशिक्षुता योजनाओं के प्रावधानों, प्रक्रियाओं, लाभों और उद्योगों की भूमिका से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान किया।
इस अवसर पर उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने उद्योगों से अधिक से अधिक संख्या में प्रशिक्षुओं को अवसर प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षुता कार्यक्रम उद्योगों को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करने का प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने जिला प्रशासन और जिला स्तरीय प्रशिक्षुता समिति की ओर से प्रशिक्षुता योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों, जिला स्तरीय प्रशिक्षुता समिति के सदस्यों तथा तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। अंत में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नालागढ़ के प्रधानाचार्य जोगिंदर सिंह ने सभी अतिथियों, उद्योग प्रतिनिधियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।





