स्क्रब टायफस को लेकर जिले भर में अलर्ट, विभाग ने बढ़ाई सैंपलिंग

#खबर अभी अभी धर्मशाला ब्यूरो*

19 अगस्त 2023

प्रदेश में स्क्रब टायफस से हुई पहली मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिला कांगड़ा में अलर्ट जारी कर दिया है। साथ ही रोग बढ़ने की स्थिति से निपटने को लेकर विभाग ने सारी तैयारियां भी पूरी कर ली हैं। विशेषज्ञों की मानें तो बरसात के मौसम में जलजनित रोगों में इजाफा होता है। स्क्रब टायफस भी बरसात में फैलने वाली एक बीमारी ही है। हालांकि इससे बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बरसात की शुरुआत में ही बुखार के मरीजों को एजिथ्रोमाइसिन और डॉक्सीसाइक्लीन दवाई देने के निर्देश जारी कर दिए थे। उधर, सीएमओ कांगड़ा ने बताया कि बरसात शुरू होते ही स्वास्थ्य विभाग स्क्रब टायफस को लेकर अलर्ट हो गया था। बुखार के हर मरीज को एजिथ्रोमाइसिन और डॉक्सीसाइक्लीन दवाई दी जा रही थी। अब भी इस गाइडलाइन की ही पालना की जाएगी।

बीमारी पनपने के कारण
स्क्रब टायफस बरसात के दिनों में फैलने वाली बीमारी हैै। यह खतरनाक जीवाणु रिकेटशिया यानी संक्रमित माइट (पिस्सू) के काटने से फैलता है, जो खेतों, झाड़ियों और घास में रहने वाले चूहों से पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के जरिये शरीर में प्रवेश करता है, जिससे स्क्रब टायफस बुखार होता है।

लक्षण
स्क्रब टायफस के लक्षणों में व्यक्ति को 104 से 105 डिग्री तक तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, कंपकंपी के साथ बुखार, अकड़न या शरीर का थकना, बाजुओं के नीचे और कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना स्क्रब टायफस के लक्षण हो सकते हैं।

स्क्रब टायफस से बचने के उपाय
बरसात के दिनों में जंगली पौधे खुद उगने लगते हैं। इसीलिए घर के आसपास घास या झाड़ियां न उगने दें। शरीर को स्वच्छ रखें और हमेशा साफ कपड़े पहनें। आसपास जल जमाव बिलकुल न होने दें। घर के अंदर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें। खेतों में काम करते समय अपने हाथ पैरों को अच्छे से ढककर रखें।

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