हिमाचल: चिंतपूर्णी ट्रस्ट की गाड़ियों को पांच दिन में वापस करें डीसी ऊना और एसएचओ, हाईकोर्ट ने दिए निर्देश

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ऊना जिला के प्रसिद्ध मंदिर मां चिंतपूर्णी न्यास की प्रॉपर्टी और दान धनराशि से खरीदी गई सरकारी अधिकारियों के इस्तेमाल में की जाने वाली गाड़ियों के दुरुपयोग पर संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने ऊना के डीसी व एसएचओ की ओर से इस्तेमाल की जा रही इनोवा क्रिस्टा और बोलेरो गाड़ियों को 5 दिनों के भीतर वापस करने के निर्देश दिए हैं। ट्रस्ट के धन से खरीदी गई गाड़ी डीसी ऊना अपने काम में इस्तेमाल कर रहे थे। इसके साथ ही मंदिर को दान की गई एक गाड़ी, जिसका उपयोग पुलिस विभाग कर रहा है। हाईकोर्ट ने यह संज्ञान दायर एक जनहित याचिका पर लिया है।
खंडपीठ ने इस मामले में राज्य सरकार सहित, मुख्य सचिव सहित प्रधान सचिव (भाषा, कला एवं संस्कृति) सह-मुख्य आयुक्त (मंदिर) को भी नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ता ने डीसी ऊना, सह आयुक्त, मंदिर प्रबंधन समिति/मंदिर न्यास को भी प्रतिवादी बनाया है। खंडपीठ ने इस मामले में प्रतिवादियों से जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 4 जून को होगी। याचिका में मांग की है कि प्रतिवादियों को निर्देश दिया जाए कि वे माता चिंतपूर्णी मंदिर ट्रस्ट की सभी चल और अचल संपत्तियों के संबंध में यथास्थिति बनाए रखें।
अदालत की पूर्व अनुमति के बिना मंदिर की किसी भी संपत्ति को देने, हस्तांतरित करने, बेचने, दान करने और किसी अन्य तरीके से उसका निपटारा करने पर रोक लगाने की मांग भी की गई है। माता चिंतपूर्णी मंदिर में खरीदी गई गाड़ी के मामले में मंदिर के पैसे के दुरुपयोग की बात सामने आई थी। ट्रस्टी अंकुर कालिया ने मंदिर के पैसे का दुरुपयोग होने की बात कही। अंकुर कालिया ने बताया कि उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार मंदिर के पैसे से यह गाड़ी नहीं खरीदी जा सकती। गाड़ी खरीदना न्यायालय के निर्देशों के विरुद्ध है।

Share the news