अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ में बदलाव, मनरेगा में एक दिन काम की अनिवार्य शर्त हटेगी

26 सितंबर 2026।
खबर अभी अभी | मंडी

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंडी जिला के बल्ह विधानसभा क्षेत्र के कंसा चौक में आयोजित जनसभा के दौरान ‘अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ की पात्रता में बदलाव की घोषणा की। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए मनरेगा में एक दिन काम करने की अनिवार्य शर्त हटाई जाएगी। साथ ही परिवार की वार्षिक आय सीमा को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 वर्ष से अधिक आयु की सभी पात्र महिलाओं को योजना के तहत 1,500 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने का प्रावधान किया जाएगा।

नेरचौक में तीन नए कार्यालय खोलने की घोषणा

मुख्यमंत्री ने बल्ह विधानसभा क्षेत्र के लिए कई विकासात्मक घोषणाएं भी कीं। उन्होंने नेरचौक में जल शक्ति विभाग और विद्युत बोर्ड के डिवीजन तथा डीएसपी कार्यालय खोलने की घोषणा की। इसके अलावा बल्ह क्षेत्र में सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं के लिए 3 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।

उन्होंने डंपिंग साइट के लिए 1 करोड़ रुपये, कंसा स्टेडियम की मरम्मत के लिए 50 लाख रुपये तथा लोक निर्माण विभाग की सड़कों की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए 3 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। रिडू, नालू और सरयाड सड़क को पक्का करने के लिए 60 लाख रुपये देने की बात भी कही।

कार्यक्रम में मौजूद महिला मंडलों के लिए 35-35 हजार रुपये देने तथा गुरकोटा में आगामी शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई स्कूल खोलने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की।

800 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती की घोषणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही पुलिस कांस्टेबलों के 800 पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि नेरचौक मेडिकल कॉलेज में 23 करोड़ रुपये की लागत से एमआरआई मशीन स्थापित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार काम कर रही है। उनके अनुसार पिछली भाजपा सरकार के समय अस्पतालों में करीब 35 प्रतिशत स्टाफ उपलब्ध था, जिसे वर्तमान सरकार ने बढ़ाकर लगभग 60 प्रतिशत किया है और आने वाले समय में इसे 80 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

किशाऊ परियोजना को लेकर भाजपा पर निशाना

मुख्यमंत्री ने किशाऊ बांध परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने हिमाचल के हितों की मजबूती से पैरवी की है। उन्होंने दावा किया कि यदि भाजपा सरकार होती तो उत्तराखंड की तर्ज पर हिमाचल के लोगों पर करीब 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता था।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के हितों की पैरवी के कारण करीब 3,000 करोड़ रुपये का खर्च बचाया गया है और परियोजना से भविष्य में हिमाचल प्रदेश को सालाना 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये की आय हो सकती है।

पिछली सरकार की आर्थिक नीतियों पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि डबल इंजन सरकार ने हिमाचल को कर्ज के दलदल में धकेला और प्रदेश की संपदा का उचित उपयोग नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश को जीएसटी कंपनसेशन और आरडीजी के रूप में करीब 60 हजार करोड़ रुपये प्राप्त हुए, लेकिन इस धन का उचित उपयोग नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि करीब 45 महीने पहले प्रदेश में कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार बनी और मंत्रिमंडल की पहली बैठक में कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके बाद केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश की करीब 1,600 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता बंद कर दी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्राकृतिक आपदा और राजनीतिक चुनौती, दोनों का सामना किया। आपदा के दौरान राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से करीब 23 हजार क्षतिग्रस्त घरों का पुनर्निर्माण करवाया।

दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय दूध 32 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा था, जबकि वर्तमान सरकार ने गाय के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 61 रुपये और भैंस के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 71 रुपये प्रति लीटर किया है। उन्होंने आने वाले समय में दूध का मूल्य और बढ़ाने की बात कही।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, कर्मचारियों और पेंशनरों को वित्तीय लाभ देने तथा अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण के लिए योजनाएं लागू करने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (डीए) की किस्त जल्द जारी करने के संकेत भी दिए। उन्होंने कहा कि इस बार कर्मचारी दिवाली अच्छी तरह मना सकेंगे और प्रदेश की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है।

जयराम ठाकुर पर भी साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का नाम लेते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछले विधानसभा चुनाव में मंडी में क्षेत्रवाद का मुद्दा उठाकर भाजपा ने जिले की 10 में से 9 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की, लेकिन भाजपा सरकार के कार्यकाल में सराज विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर पूरे मंडी जिले की विकास के मामले में अनदेखी की गई।

बल्ह विधानसभा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश चौधरी चुनाव जीतते तो आज वह प्रदेश सरकार में मंत्री होते।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय भाजपा विधायक पर भी आरोप लगाए कि वह विधानसभा में क्षेत्र के लोगों की आवाज प्रभावी ढंग से नहीं उठाते। उन्होंने भाजपा में गुटबाजी का आरोप लगाते हुए कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए नेताओं को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष होने का दावा किया।

प्रकाश चौधरी और संजीव गुलेरिया ने किया स्वागत

इससे पहले पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं, युवाओं और कर्मचारियों के हित में कई योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने अनाथ बच्चों को एक्सपोजर विजिट के लिए विदेश भेजने की योजना का उल्लेख करते हुए इसे बच्चों के बेहतर भविष्य से जुड़ी पहल बताया।

प्रकाश चौधरी ने केंद्र सरकार पर हिमाचल प्रदेश को उसके अधिकारों से वंचित करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ प्रदेश का संचालन कर रही है।

एपीएमसी चेयरमैन संजीव गुलेरिया ने भी मुख्यमंत्री का बल्ह विधानसभा क्षेत्र में पहुंचने पर स्वागत किया।

इस अवसर पर विधायक अनिल शर्मा, इंद्र सिंह गांधी, सुंदर सिंह ठाकुर, पूर्व मंत्री रंगीला राम राव, पूर्व सीपीएस सोहन सिंह ठाकुर, कांग्रेस नेता चेत राम ठाकुर, शशि शर्मा, लाल सिंह कौशल, जगदीश रेड्डी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर, नरेश चौहान, पवन ठाकुर, जीवन ठाकुर, उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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