
एनएसएस स्वयंसेवियों ने महाविद्यालय परिसर में किया श्रमदान, स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का दिया संदेश
26 सितंबर 2026
खबर अभी अभी | आनी

राजकीय महाविद्यालय आनी स्थित हरिपुर की दोनों राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में 26 सितंबर को महाविद्यालय परिसर में ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026’ के अंतर्गत एक दिवसीय स्वच्छता शिविर आयोजित किया गया। इस वर्ष अभियान की थीम “स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” रखी गई है, जिसका उद्देश्य स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा देना और स्वच्छ एवं विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
शिविर की विभिन्न गतिविधियों का पर्यवेक्षण दोनों एनएसएस इकाइयों के कार्यक्रम अधिकारियों ने किया। उनके मार्गदर्शन में स्वयंसेवियों ने उत्साह और समर्पण के साथ विभिन्न स्वच्छता गतिविधियों में भाग लिया।
परिसर में स्वयंसेवियों ने किया श्रमदान
एनएसएस स्वयंसेवियों ने महाविद्यालय के आंतरिक एवं बाहरी परिसर, दोनों बगीचों, प्रवेश द्वार तथा आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सफाई अभियान चलाया। इस दौरान अवांछित घास-फूस और झाड़ियों को हटाने के साथ-साथ पौधों की निराई-गुड़ाई की गई। बगीचों तथा प्रवेश मार्ग के आसपास स्थित पेड़-पौधों की देखभाल भी की गई।
स्वच्छता सामाजिक दायित्व और राष्ट्रीय चरित्र का प्रतीक : प्राचार्य
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दायक राम ठाकुर ने अपने संदेश में कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व और राष्ट्रीय चरित्र का प्रतीक है। इस प्रकार के शिविर विद्यार्थियों में अनुशासन, सहयोग और सेवा-भाव के साथ पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता भी विकसित करते हैं।
उन्होंने दोनों एनएसएस इकाइयों के स्वयंसेवियों की सराहना करते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयास समाज में बड़े बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने स्वयंसेवियों से स्वच्छता को केवल महाविद्यालय परिसर तक सीमित न रखते हुए इसे दैनिक जीवन और समुदाय में व्यवहारिक रूप से अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता केवल सौंदर्य और अनुशासन का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य, सतत विकास और पर्यावरणीय संतुलन की आधारशिला भी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान को महाविद्यालय परिसर तक सीमित न रखकर समुदाय के प्रत्येक सदस्य तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
शिविर का समापन सभी स्वयंसेवियों द्वारा स्वच्छ भारत अभियान के आदर्शों को अपनाने तथा समाज में स्वच्छता एवं पर्यावरणीय जागरूकता के प्रसार के लिए निरंतर प्रयास करने की शपथ के साथ हुआ।





