
16,580 फीट ऊंचे शिंकुला दर्रे को पहली बार पार करेंगे रफ्तार के शौकीन, ‘रैली ऑफ हिमालया’ में हिस्सा लेंगे 140 प्रतिभागी
26 सितंबर 2026
खबर अभी अभी | कुल्लू

हिमालय की ऊंची और चुनौतीपूर्ण वादियों में एक बार फिर रफ्तार, साहस और एडवेंचर का रोमांच देखने को मिलेगा। ‘रैली ऑफ हिमालया’ के तहत लाहुल-स्पीति और लेह-लद्दाख की घुमावदार व चुनौतीपूर्ण सड़कों पर देश-विदेश के रेसर्स अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे। इस बार रैली का सबसे बड़ा आकर्षण 16,580 फीट की ऊंचाई पर स्थित शिंकुला दर्रा (Shinku La Pass) रहेगा, जिसे प्रतिभागी पहली बार आधिकारिक रैली के दौरान पार करेंगे।
इस प्रतिष्ठित एडवेंचर रैली में कुल 140 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। फोर-व्हीलर (4×4) और टू-व्हीलर (बाइक) श्रेणियों में शामिल प्रतिभागी दुर्गम इलाकों, पथरीले रास्तों और कम ऑक्सीजन वाले वातावरण में अपनी ड्राइविंग तकनीक, शारीरिक क्षमता और मानसिक दृढ़ता की परीक्षा देंगे।
शिंकुला दर्रा बनेगा सबसे बड़ी चुनौती
आयोजकों के अनुसार रैली का सबसे रोमांचक और चुनौतीपूर्ण चरण शिंकुला दर्रे से होकर गुजरेगा। करीब 16,580 फीट की अत्यधिक ऊंचाई पर प्रतिभागियों को कम ऑक्सीजन, तेज बर्फीली हवाओं और बेहद ठंडे मौसम के बीच वाहन चलाने की चुनौती का सामना करना होगा। ऊंचाई का असर वाहनों की कार्यक्षमता पर भी पड़ सकता है, जिससे रेसर्स के लिए यह चरण तकनीकी रूप से भी महत्वपूर्ण रहेगा।
सुरक्षा के लिए किए गए पुख्ता इंतजाम
रैली के दौरान प्रतिभागियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन और आयोजकों की ओर से विशेष प्रबंध किए गए हैं। दुर्गम ट्रैक पर विभिन्न स्थानों पर मेडिकल टीमें, एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहन तैनात किए गए हैं। प्रतिभागियों के लिए आवश्यक सुरक्षा दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
रफ्तार और एडवेंचर के दीवानों में उत्साह
‘रैली ऑफ हिमालया’ को लेकर मोटर-स्पोर्ट्स प्रेमियों और एडवेंचर के शौकीनों में खासा उत्साह है। रैली के शुरू होते ही लाहुल-स्पीति और लद्दाख की शांत वादियां रफ्तार और रोमांच से सराबोर नजर आएंगी। शिंकुला दर्रे को पहली बार आधिकारिक रैली के रूट में शामिल किए जाने से इस आयोजन का रोमांच और बढ़ गया है।





