मुख्यमंत्री का विश्वविद्यालयों से आह्वान, हिमाचल की जरूरतों पर आधारित अनुसंधान और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों को दें बढ़ावा

25 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | सोलन।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों से हिमाचल की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप अनुसंधान परियोजनाओं को बढ़ावा देने का आह्वान किया। वह सोलन में ‘हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग एवं निजी विश्वविद्यालयों के संस्थागत योगदान, भविष्य की प्राथमिकताएं एवं सहयोगात्मक कार्यप्रणाली’ विषय पर आयोजित शैक्षणिक सम्मेलन सत्र एवं छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे।

सम्मेलन का आयोजन हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने प्रदेश के सभी निजी विश्वविद्यालयों के सहयोग से किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम परिवर्तन, जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन, सतत पर्यटन, अक्षय ऊर्जा, बागवानी, स्वास्थ्य और पर्यावरण ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें विश्वविद्यालयों का अनुसंधान प्रदेश के हितों के लिए उपयोगी हो सकता है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार की संभावनाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि इस दिशा में निजी विश्वविद्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार के लिए निजी विश्वविद्यालय केवल शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा प्रणाली के महत्वपूर्ण सहयोगी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए उद्योग जगत और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग आवश्यक है। विश्वविद्यालयों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने के साथ उभरते रोजगार अवसरों के अनुसार पाठ्यक्रमों को नियमित रूप से अपडेट करते रहना चाहिए, ताकि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों से संकाय विकास, अनुसंधान सहयोग, छात्र आदान-प्रदान, स्टार्टअप और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बेहतर पाठ्यक्रम, प्रयोगशालाएं, अनुसंधान सुविधाएं, उद्योग जगत के साथ संपर्क तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के रोजगार अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की पहुंच, गुणवत्ता और विद्यार्थियों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में 5वें स्थान पर पहुंचा है, जबकि वर्ष 2021 में प्रदेश 21वें स्थान पर था। यह आंकड़ा राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (NAS) 2025 से संबंधित है; हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मार्च 2026 के दस्तावेज में भी इन आंकड़ों का उल्लेख किया गया है।

उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा मजबूत भविष्य का आधार है। प्रदेश सरकार बहुसुविधा संपन्न राजीव गांधी डे-बोर्डिंग विद्यालयों की स्थापना के साथ सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश के 156 विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू किया जा चुका है और अगले वर्ष 100 और सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने निजी विश्वविद्यालयों से बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि तकनीक, पर्यटन एवं आतिथ्य, अक्षय ऊर्जा, वानिकी और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में कौशल आधारित एवं उद्योग से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किए गए पाठ्यक्रम प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे सकते हैं।

विद्यार्थियों से संवाद

मुख्यमंत्री ने निजी विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए प्रदेश में जल के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में सोच विकसित करने का आह्वान किया।

उन्होंने विद्यार्थियों से हिमाचल को शिक्षा हब बनाने, दुग्ध उत्पादन, प्राकृतिक कृषि और बंजर भूमि पर सौर विद्युत उत्पादन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रश्न पत्र लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों की ओर से अनुसंधान और पेटेंट विषय पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने निजी विश्वविद्यालयों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करने और देशहित में कार्य करने का आह्वान किया।

हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के सदस्य विजय पाल सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और आयोग की कार्यप्रणाली तथा सम्मेलन के विषय की जानकारी दी।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा, अर्की विधायक संजय अवस्थी, कसौली विधायक विनोद सुल्तानपुरी, हिमाचल प्रदेश सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर, हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष अनुराग शर्मा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेन्द्र सेठी, एपीएमसी सोलन के अध्यक्ष रोशन ठाकुर, शिक्षा सचिव राकेश कंवर, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के सदस्य ललित चौधरी, विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति, उपकुलपति, प्रवर्तक, विद्यार्थी और अन्य अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित रहे।

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