
10 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | सिरमौर

डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशालय और उच्चतर शिक्षा निदेशालय, शिमला की ओर से समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत जिला सिरमौर के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण एवं एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बागवानी, उद्यान प्रबंधन, पुष्प उत्पादन, नर्सरी प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों से व्यावहारिक रूप से परिचित करवाना रहा।
इस कार्यक्रम में जिला सिरमौर के 10 विद्यालयों के 142 विद्यार्थियों ने अपने अध्यापकों और प्रभारी शिक्षकों के साथ भाग लिया। तीन दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत 7 सितंबर 2026 से हुई।
हाईटेक फ्लोरीकल्चर से टिश्यू कल्चर तक मिली जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को हाई-टेक फ्लोरीकल्चर, आधुनिक सिंचाई प्रणालियों, प्राकृतिक खेती, जीवामृत एवं घनजीवामृत, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन, संरक्षित खेती, व्यावसायिक पुष्प उत्पादन, आधुनिक पौधशाला तकनीक, फल फसलों में प्रवर्धन और प्लांट टिश्यू कल्चर जैसे विषयों पर प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय की विभिन्न कृषि एवं बागवानी आधारित इकाइयों का एक्सपोजर विजिट कर आधुनिक तकनीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस दौरान उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि आधुनिक कृषि केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें तकनीकी नवाचार, प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन, उद्यमिता और रोजगार की भी व्यापक संभावनाएं हैं।
शिक्षकों और समन्वयकों ने निभाई अहम भूमिका
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालयों के अध्यापकों, प्रभारी शिक्षकों और कार्यक्रम समन्वयकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. मीनु गुप्ता और डॉ. मनिका तोमर तथा प्रशिक्षण संयोजक डॉ. प्रीति शर्मा ने विद्यालयों और प्रतिभागियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया।
उन्होंने विद्यार्थियों की सहभागिता, कार्यक्रम की समयबद्धता, एक्सपोजर विजिट की व्यवस्था और विभिन्न प्रशिक्षण गतिविधियों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित किया। विद्यालयों के शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों के साथ रहकर प्रशिक्षण गतिविधियों में सहभागिता की और प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को विद्यालय स्तर पर आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य करने की बात कही।
व्यावहारिक अनुभव से विकसित होगी उद्यमिता की सोच
निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ. धर्म पॉल शर्मा ने कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। कृषि और बागवानी जैसे संभावनाओं वाले क्षेत्रों में विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से ही व्यावहारिक अनुभव और कौशल प्रदान करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि तकनीकों से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार की सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा और उच्चतर शिक्षा निदेशालय के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को स्कूल से कार्यक्षेत्र तक सफल संक्रमण के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
डॉ. धर्म पॉल शर्मा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए उच्चतर शिक्षा निदेशालय, संबंधित विद्यालयों, कार्यक्रम समन्वयकों, अध्यापकों और विशेषज्ञों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने भविष्य में भी विद्यार्थियों के लिए इस तरह के अनुभवात्मक और कौशल आधारित कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उच्चतर शिक्षा निदेशालय की ओर से प्रायोजित पहल
यह कार्यक्रम उच्चतर शिक्षा निदेशालय, हिमाचल प्रदेश द्वारा प्रायोजित किया जा रहा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष की शिक्षा से आगे बढ़ाकर व्यावहारिक एवं कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया गया।
यह पहल विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराने के साथ उन्हें भविष्य की कौशल, उद्यमिता और रोजगार संबंधी आवश्यकताओं के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





