ट्रांसफार्मर में खराबी नदियों में गाद शिमला में गहराया जल संकट, तीसरे दिन मिलेगा पानी; 3 से 4 दिनों में राहत की उम्मीद

29/7/2026
शिमला
खबर अभी अभी

राजधानी शिमला में मानसून की शुरुआत के साथ ही पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हो गयी है, जिससे शहरवासियों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य सतलुज जल आपूर्ति योजना में आई बड़ी तकनीकी खराबी और बरसाती मौसम के कारण नदियों में बढ़ी गाद (सिल्ट) ने जल प्रबंधन की व्यवस्था को पूरी तरह से प्रभावित किया है। शहर में पैदा हुए इस जल संकट से आने वाले तीन से चार दिनों में राहत मिलने की संभावना है।

विओ: शिमला जल प्रबंधन निगम (SJPNL) के प्रबंध निदेशक राजेश कश्यप ने वर्तमान पेयजल स्थिति, खराबी के कारणों और राहत की समयसीमा पर विस्तृत जानकारी साझा क्रय हुए कहा कि कि इस तकनीकी चुनौती से निपटने के लिए विभागीय टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं। आने वाले तीन से चार दिनों में शहर में नियमित जलापूर्ति पूरी तरह से बहाल कर दी जाएगी।
प्रबंध निदेशक राजेश कश्यप ने बताया कि शहर को रोजाना लगभग 42 एमएलडी पानी उपलब्ध कराने वाली मुख्य सतलुज जल आपूर्ति योजना के दूसरे चरण के तहत ड्वाडा स्थित बिजली बोर्ड के ट्रांसफार्मर में तीन दिन पहले अचानक तकनीकी खराबी आ गई थी। इस वजह से सतलुज योजना से पानी की लिफ्टिंग फिलहाल पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। सामान्य दिनों में राजधानी में पानी की दैनिक खपत करीब 48 से 50 एमएलडी रहती है, लेकिन इस बड़े तकनीकी व्यवधान के कारण कुल उपलब्धता घटकर मात्र 35 से 40 एमएलडी के बीच रह गई है। पानी की इसी भारी कमी को देखते हुए जल प्रबंधन को मजबूरन शिमला के विभिन्न इलाकों में एक दिन छोड़कर, यानी तीसरे दिन पानी देने का फैसला लेना पड़ा है।
​समस्या से निजात पाने के लिए जल प्रबंधन निगम और बिजली बोर्ड की संयुक्त टीमें लगातार प्रयासरत हैं। ड्वाडा में एक बैकअप ट्रांसफार्मर स्थापित करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है, जिसे पूरी तरह चालू होने में दो से तीन दिन का समय लगने की संभावना है। राजेश कश्यप ने कहा कि शुरुआती बारिश के कारण जल स्रोतों में गाद की मात्रा अचानक बहुत बढ़ गई है, जिससे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की शोधन क्षमता प्रभावित हुई है। हालांकि, इस चुनौती के बावजूद अन्य पांच जल योजनाओं के जरिए पानी का शोधन जारी रखा गया है और गाद से निपटने के लिए ‘ट्यूब सैटलर्स’ और गिरिनदी में प्री-सैटलिंग टैंक जैसे तकनीकी इंतज़ाम किए जा रहे हैं। प्रबंध निदेशक ने भरोसा दिलाया है कि अगले 3 से 4 दिनों में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी और जब तक व्यवस्था सुचारू नहीं होती, तब तक तीसरे दिन दिए जाने वाले पानी की आपूर्ति की समयावधि (एक्सटेंडेड टाइमिंग्स) बढ़ाकर दी जाएगी ताकि जनता को राहत मिल सके।इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में जल जनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए जल प्रबंधन निगम ने स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी भी जारी की है।

Share the news