तीन युवकों से 10.50 ग्राम चिट्टा बरामद, बैकवर्ड लिंक खंगालते हुए मुख्य सप्लायर भी गिरफ्तार

10 सितंबर 2026 | खबर अभी अभी | बिलासपुर

बिलासपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन युवकों से 10.50 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया है। पुलिस ने मामले में बैकवर्ड लिंक की जांच करते हुए चिट्टे के कथित मुख्य सप्लायर को पंजाब से गिरफ्तार किया है। मामले में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुलिस के अनुसार 7 सितंबर 2026 को SDT बिलासपुर की टीम ने स्वारघाट क्षेत्र के केंचीमोड़ में नाकाबंदी की थी। इस दौरान एक कार की तलाशी ली गई। कार में सवार प्रेम लाल (31), ललित कुमार (41) और चमन लाल (30), सभी निवासी सकरोहा, तहसील बल्ह, जिला मंडी, के कब्जे से 10.50 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया।

इस संबंध में पुलिस थाना स्वारघाट में अभियोग संख्या 67/2026, दिनांक 7 सितंबर 2026, धारा 21 और 29 NDPS Act के तहत मामला दर्ज किया गया।

मोबाइल और बैंक खातों की जांच से सामने आया सप्लाई लिंक

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में पंजाब के SBS नगर निवासी मलविंद्र सिंह (31) की कथित तौर पर चिट्टे के मुख्य सप्लायर के रूप में संलिप्तता सामने आई।

स्वारघाट पुलिस टीम ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पंजाब में दबिश देकर मलविंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

प्राथमिक जांच में पुलिस के अनुसार मलविंद्र सिंह पुलिस की निगरानी से बचने के लिए अन्य लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करता था। चिट्टा बेचने से मिलने वाली रकम पहले अपने साथियों के खातों में डलवाने और उसके बाद तुरंत अपने खाते में ट्रांसफर करवाने की बात भी जांच में सामने आई है।

मुख्य सप्लायर के खिलाफ पहले भी NDPS के दो मामले

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार मलविंद्र सिंह सक्रिय चिट्टा सप्लायर है और उसके खिलाफ पंजाब में NDPS Act के तहत पहले भी दो मामले दर्ज हैं।

पहला मामला: मुकदमा संख्या 57/2025, दिनांक 24 मई 2025, धारा 21, 29, 27-61-85 NDPS Act, पुलिस थाना सदर रूपनगर, पंजाब। इस मामले में 100 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था।

दूसरा मामला: मुकदमा संख्या 49/2022, दिनांक 29 मई 2022, धारा 21, 61-85 NDPS Act, पुलिस थाना बडाली आला सिंह, पंजाब। इस मामले में 4 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था।

सप्लाई चेन तोड़ने पर पुलिस का फोकस

बिलासपुर पुलिस का कहना है कि NDPS मामलों में केवल नशे की बरामदगी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी जा रही है, बल्कि बैकवर्ड लिंक की जांच के माध्यम से नशे की सप्लाई के स्रोत और पूरे नेटवर्क की पहचान करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई का उद्देश्य नशे की सप्लाई चेन को चिन्हित कर उसे ध्वस्त करना है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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