दून में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर जोर, नशे के खिलाफ सख्त कदम—रामकुमार

27 अगस्त 2026 | खबर अभी अभी | शिमला

दून के पूर्व सीपीएस एवं विधायक रामकुमार चौधरी ने हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के पौने चार वर्ष के कार्यकाल के दौरान विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, खेल और रोजगार के क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सहयोग से दून में विकास कार्यों को लगातार गति दी जा रही है और कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं सिरे चढ़ी हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र में विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए रामकुमार चौधरी ने कहा कि बद्दी की करीब पांच लाख आबादी को देखते हुए वर्ष 2016 में पीएचसी को 50 बेड के अस्पताल में अपग्रेड करवाया गया था। भवन निर्माण के लिए साढ़े नौ करोड़ रुपये दिए गए थे, लेकिन तीन करोड़ 74 लाख रुपये की देनदारी के कारण काम रुक गया था। मामला मुख्यमंत्री के ध्यान में लाने के बाद राशि उपलब्ध करवाई गई। अब अस्पताल को 100 बेड का किया गया है और इसके लिए दो करोड़ रुपये अतिरिक्त मिले हैं। उद्योगों के सहयोग से करीब तीन करोड़ रुपये के उपकरण भी लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब केवल एनेस्थीसिया और डायलिसिस मशीनों की व्यवस्था बाकी है।

शिक्षा के क्षेत्र में विधायक ने कहा कि दून में केवल एक स्कूल को डिग्रेड किया गया है, जहां विद्यार्थियों की संख्या 12 थी, जबकि मिडिल स्कूल के लिए 30 विद्यार्थियों की आवश्यकता होती है। इसके विपरीत क्षेत्र में तीन नए प्राथमिक स्कूल खोले गए हैं, जो कार्यशील हो चुके हैं। बद्दी, बरोटी, बड़ा और चंडी में तीन सीबीएसई स्कूल भी कार्यशील किए गए हैं। बद्दी में विद्यार्थियों की अधिक संख्या को देखते हुए सुबह और शाम की कक्षाएं शुरू की गई हैं। इस कार्यकाल में करीब 10 करोड़ रुपये के स्कूल भवनों का निर्माण किया गया है।

राजीव डे-बोर्डिंग स्कूल को लेकर रामकुमार ने बताया कि सीबीएसई स्कूल के साथ उपलब्ध जमीन को विकसित कर डे-बोर्डिंग स्कूल की योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।

सड़कों की स्थिति पर उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के कारण कई सड़कें प्रभावित हुई हैं। बद्दी-साईं मार्ग पर करीब साढ़े 12 से 13 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और टेंडर अवार्ड की प्रक्रिया चल रही है। मंदाला-कालीझंडा सड़क पर भी करीब तीन से चार किलोमीटर कार्य पूरा हो चुका है। मानपुरा-ढेला-ठाणा सड़क का टेंडर अवार्ड हो चुका है, लेकिन तारकोल उपलब्ध न होने के कारण कार्य में देरी हुई। बरसात समाप्त होते ही सड़कों की मरम्मत का कार्य तेज किया जाएगा। मुख्यमंत्री की ओर से सड़कों के लिए छह करोड़ रुपये का विशेष बजट भी दिया गया है।

युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने की बात करते हुए रामकुमार ने कहा कि दून में पहले ही इंडोर स्टेडियम बनाया जा चुका है। वहीं बड़ा में करीब 24 से 25 बीघा जमीन पर 10 करोड़ रुपये की लागत से आउटडोर स्टेडियम प्रस्तावित है। भूमि हस्तांतरण का मामला डीसी कार्यालय में लंबित है। पंचायतों में बड़े खेल मैदान विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। युवाओं की मांग पर एचआईसी निधि से एक से दो लाख रुपये तक की मैट उपलब्ध करवाई गई हैं।

रामकुमार चौधरी ने कहा कि दून क्षेत्र में नशे के कारण करीब 25 से 30 युवाओं की जान जा चुकी है, जिसे लेकर सरकार गंभीर है। नशे के खिलाफ कानून में संशोधन कर कड़ी सजा, अवैध रूप से अर्जित संपत्ति की कुर्की और उसे तोड़ने जैसे प्रावधान किए गए हैं।

रोजगार के क्षेत्र में उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों में उद्योगों के माध्यम से करीब 500 से 600 युवाओं को तथा सरकार के विभिन्न विभागों में करीब 300 युवाओं को रोजगार दिलाया गया है।

मनरेगा के केंद्र-राज्य अनुपात में बदलाव को लेकर रामकुमार ने कहा कि इससे ग्रामीण विकास पर असर पड़ेगा। हालांकि कन्वर्जेंस के माध्यम से जहां सामग्री की आवश्यकता होगी, वहां अन्य मदों से राशि उपलब्ध करवाकर पंचायतों के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि दून में अधूरे पुलों को पूरा करवाने के साथ शिक्षा संस्थानों में परीक्षा हॉल और अतिरिक्त भवन बनाए जा रहे हैं। ग्रामीण सड़कों को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री के विशेष बजट से मेटलिंग, पुलियों और सड़क सुधार का कार्य किया जा रहा है। रामकुमार ने कहा कि सड़कें विकास की रीढ़ हैं और दून क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है।

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