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क्षेत्रीय कार्यशाला एवं ‘रिफॉर्म्स उत्सव’ का आयोजन 15 जून 2026 को धर्मशाला में
धर्मशाला, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश), 14 जून 2026
भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग द्वारा डिजाइनिंग इनोवेटिव सॉल्यूशंस फॉर होलिस्टिक एक्सेस टू जस्टिस- दिशा (DISHA) योजना के अंतर्गत टेली-लॉ पहल पर क्षेत्रीय कार्यशाला तथा ‘रिफॉर्म्स उत्सव’ का आयोजन 15 जून 2026 को दोपहर 1:00 बजे से राजकीय महाविद्यालय (पीजी) सभागार, धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश में किया जा रहा है।
यह आयोजन न्याय तक पहुंच को सुदृढ़ करने, कानूनी जागरूकता को बढ़ावा देने, प्रो बोनो कानूनी सेवाओं की संस्कृति को प्रोत्साहित करने तथा पिछले बारह वर्षों में न्याय क्षेत्र में किए गए परिवर्तनकारी सुधारों को प्रदर्शित करने की दिशा में न्याय विभाग की सतत प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री कविंद्र गुप्ता, माननीय मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल होंगे ।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण “न्याय प्रबोध – अवेकनिंग टू जस्टिस” नामक वर्षभर चलने वाले विधिक जागरूकता अभियान का शुभारंभ होगा। इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों में संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा न्याय प्रणाली में जनभागीदारी को सशक्त करना है।

न्याय प्रबोध अभियान के अंतर्गत नागरिक-केंद्रित कई गतिविधियां प्रारंभ की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं—
* नो योर राइट्स इन 90 सेकंड्स – नागरिकों में कानूनी अधिकारों एवं उपलब्ध उपायों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल।
• न्याय क्विज – विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों के बीच संवैधानिक मूल्यों, विधिक संस्थाओं एवं नागरिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु एक इंटरैक्टिव मंच।
• प्रो बोनो प्लेज – अधिवक्ताओं, विधि विद्यार्थियों एवं कानूनी पेशेवरों को वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के हित में स्वैच्छिक विधिक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रेरित करने की पहल।
कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HPNLU) द्वारा संचालित प्रो बोनो पहलों पर विशेष प्रस्तुति भी दी जाएगी, जिसमें सामुदायिक विधिक सेवा से जुड़े संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों के अनुभव साझा किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, टेली-लॉ पहल के लाभार्थियों की आवाज़ पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की जाएगी तथा टेली-लॉ पैनल अधिवक्ताओं, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के ग्राम स्तरीय उद्यमियों (VLEs) और लाभार्थियों के साथ लाइव संवाद आयोजित किया जाएगा, जिससे तकनीक आधारित विधिक सेवाओं के जमीनी प्रभाव को दर्शाया जाएगा।
कार्यक्रम के अंतर्गत ‘रिफॉर्म्स उत्सव’ भी आयोजित होगा, जिसमें न्याय विभाग द्वारा पिछले बारह वर्षों में न्यायिक अवसंरचना, न्यायालयों के डिजिटलीकरण, विधिक सहायता, विधिक जागरूकता, न्यायिक क्षमता निर्माण और नागरिक-केंद्रित न्याय वितरण के क्षेत्र में प्राप्त प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।
इस क्षेत्रीय कार्यशाला में उच्च न्यायालय रजिस्ट्री, राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों, उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन, टेली-लॉ पैनल अधिवक्ताओं, कॉमन सर्विस सेंटर के वीएलई, ग्रामीण विकास मंत्रालय के प्रतिनिधियों, प्रमुख विधि शिक्षण संस्थानों के संकाय एवं विद्यार्थियों, राज्य एवं केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन, तथा देशभर के विभिन्न हितधारकों की सहभागिता होगी।
यह आयोजन भारत सरकार की उस प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है जिसके तहत न्याय को केवल प्रभावी ही नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक के लिए सुलभ, समझने योग्य और उपलब्ध बनाने का लक्ष्य रखा गया है। यह कार्यक्रम संवाद, सहयोग और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।





