
4 नवंबर, 2026 | खबर अभी-अभी | हमीरपुर

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने हमीरपुर में आयोजित पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ के जिला स्तरीय सम्मेलन में प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर पेंशनरों और स्वास्थ्य सेवाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जीवन के 30 से 40 वर्ष प्रदेश की सेवा में बिताने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी आज अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करने को मजबूर हैं।
डॉ. बिंदल ने कहा कि 80 वर्ष तक की आयु के बुजुर्गों को अपने घर-परिवार छोड़कर 200 से 400 किलोमीटर तक की यात्रा कर धरना-प्रदर्शन करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, प्रदेश में लगभग डेढ़ लाख सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों के चिकित्सा बिल, महंगाई भत्ते की किस्तें, एरियर और अन्य देय राशियां लंबित हैं। उन्होंने इसे पेंशनरों के प्रति सरकार की संवेदनहीनता बताते हुए सभी लंबित वित्तीय लाभों का तत्काल भुगतान करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को इस उम्र में सम्मान और आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए, लेकिन वे अपने वैधानिक लाभों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बिंदल ने दावा किया कि पेंशनरों में सरकार के प्रति भारी आक्रोश है और आने वाले समय में यह वर्ग कांग्रेस सरकार की नीतियों के खिलाफ अहम भूमिका निभाएगा।
सरकारी अस्पतालों में जांच और उपचार सेवाओं पर उठाए सवाल
डॉ. बिंदल ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में कई महत्वपूर्ण जांच सेवाएं प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि लैब संचालकों के करोड़ों रुपये के भुगतान लंबित होने के कारण मरीजों को जांच के लिए निजी अस्पतालों और प्रयोगशालाओं का रुख करना पड़ रहा है। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
उन्होंने दावा किया कि सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशनों की संख्या घटकर लगभग एक चौथाई रह गई है। उनके मुताबिक, ऑर्थोपेडिक्स सहित विभिन्न विभागों में हिमकेयर, आयुष्मान भारत और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं के तहत करोड़ों रुपये के भुगतान लंबित हैं। उन्होंने कहा कि भुगतान में देरी का असर मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ रहा है।
108 एंबुलेंस सेवा की स्थिति पर भी जताई चिंता
बिंदल ने 25 दिसंबर, 2010 को शुरू हुई अटल स्वास्थ्य सेवा 108 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सेवा लंबे समय तक प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एंबुलेंस सेवा के संचालन से जुड़े भुगतान लंबित होने के कारण इसकी कार्यप्रणाली प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में 15 से 20 मिनट के भीतर एंबुलेंस पहुंचने की अपेक्षा रहती है, लेकिन कई स्थानों पर मरीजों को दो घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में समय पर एंबुलेंस उपलब्ध न होना मरीजों के लिए गंभीर समस्या बन सकता है।
लंबित भुगतान जारी करने की मांग
डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश में जांच सेवाओं, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता, ऑपरेशन और एंबुलेंस सेवा से जुड़ी समस्याओं के कारण आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने सरकार से पेंशनरों के चिकित्सा बिल, डीए और एरियर का भुगतान करने के साथ ही हिमकेयर, आयुष्मान भारत, सरकारी अस्पतालों की जांच सेवाओं और 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े लंबित भुगतान जारी करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पेंशनरों, कर्मचारियों और आम जनता से जुड़े इन मुद्दों को उठाती रहेगी।





