पेट्रोल-डीजल पर 60 पैसे सेस को लेकर राकेश जमवाल का सरकार पर हमला, बोले- ‘सुख की सरकार’ नहीं ‘बोझ की सरकार’ बनी कांग्रेस

12/8/2026
शिमला
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भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर अनाथ एवं विधवा सेस लगाए जाने के फैसले पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार लगातार नए टैक्स और सेस लगाकर आम जनता की जेब पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है।

राकेश जमवाल ने कहा कि नया सेस 11 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि से लागू हुआ है और पेट्रोल तथा हाई स्पीड डीजल की पहली बिक्री पर 60 पैसे प्रति लीटर की दर से वसूला जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की आर्थिक नीति का एक ही उद्देश्य नजर आ रहा है—टैक्स बढ़ाओ, सेस लगाओ और जनता पर बोझ डालो।

डीजल VAT में दो बार बढ़ोतरी का आरोप

भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद जनवरी 2023 में डीजल पर VAT को करीब 4.40 रुपये से बढ़ाकर 7.40 रुपये प्रति लीटर किया था। इसके करीब छह महीने बाद जुलाई 2023 में डीजल VAT में दोबारा 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर इसे 10.40 रुपये प्रति लीटर किया गया।

उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2023 में ही दो चरणों में डीजल पर करीब 6 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त VAT का बोझ डाला गया। अब पेट्रोल और डीजल पर नया सेस लगाए जाने से आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ेगा।

सीमेंट पर टैक्स बढ़ाने का भी उठाया मुद्दा

राकेश जमवाल ने कहा कि सरकार की टैक्स बढ़ाने की नीति केवल पेट्रोलियम उत्पादों तक सीमित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने सीमेंट पर लगने वाले Additional Goods Tax को 11 रुपये से बढ़ाकर 16 रुपये प्रति बैग कर दिया, जिससे प्रति बैग 5 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा।

उन्होंने कहा कि एक तरफ केंद्र स्तर पर GST में राहत से सीमेंट की कीमत कम होने की उम्मीद थी, वहीं प्रदेश सरकार ने राज्य स्तर का टैक्स बढ़ाकर जनता को मिलने वाली संभावित राहत को प्रभावित किया।

ईंधन महंगा होने से बढ़ेगी ढुलाई लागत

जमवाल ने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में डीजल की कीमत बढ़ने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। प्रदेश में अधिकांश आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सड़क मार्ग से होती है। ऐसे में ईंधन महंगा होने से सीमेंट, सरिया, रेत-बजरी, फल-सब्जियों, राशन और अन्य जरूरी सामान की ढुलाई लागत भी बढ़ सकती है।

उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक असर किसान-बागवानों, ट्रांसपोर्टरों, टैक्सी चालकों, छोटे व्यापारियों, मध्यम वर्ग और मकान बनाने वाले परिवारों पर पड़ेगा। जमवाल ने इसे आम जनता पर दोहरी मार करार दिया।

कल्याणकारी योजनाओं का समर्थन, सेस पर सवाल

राकेश जमवाल ने कहा कि अनाथ बच्चों और विधवाओं का कल्याण सरकार की जिम्मेदारी है और भाजपा ऐसे हर कल्याणकारी प्रयास का समर्थन करती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसके लिए संसाधन बेहतर वित्तीय प्रबंधन और सरकार के बजट से उपलब्ध करवाए जाने चाहिए।

उन्होंने सवाल उठाया कि अनाथ और विधवा कल्याण जैसे संवेदनशील विषय के नाम पर पूरे प्रदेश की जनता पर नया सेस लगाना सरकार के वित्तीय प्रबंधन का उचित समाधान नहीं हो सकता।

‘सुख की सरकार’ नहीं, ‘बोझ की सरकार’

जमवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार खुद को ‘सुख की सरकार’ कहती है, लेकिन प्रदेश की जनता पर लगातार बढ़ते टैक्स और शुल्क इसके विपरीत तस्वीर पेश करते हैं।

उन्होंने कहा, “जनवरी 2023 में डीजल पर करीब 3 रुपये VAT बढ़ाया, जुलाई 2023 में फिर 3 रुपये बढ़ाया, सीमेंट पर टैक्स 11 से 16 रुपये प्रति बैग किया और अब पेट्रोल-डीजल पर 60 पैसे का नया सेस लगा दिया। आखिर हिमाचल की जनता पर कांग्रेस सरकार और कितना आर्थिक बोझ डालेगी?”

भाजपा नेता ने सरकार से पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर लगाए गए 60 पैसे प्रति लीटर के नए सेस पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने खर्चों और वित्तीय प्रबंधन में सुधार करना चाहिए तथा हर आर्थिक समस्या का समाधान आम जनता की जेब से निकालना बंद करना चाहिए।

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