मिड-डे मील वर्कर्स के साथ लगातार हो रहा भेदभाव : यूनियन सीटू कार्यालय कुल्लू में हुई बैठक, मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान

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कुल्लू –
कोमिड-डे मील वर्कर्स यूनियन की बैठक शनिवार को सीटू कार्यालय कुल्लू में बैठक हुई जिसमें सीटू महासचिव प्रेम गौतम मौजूद रहे और आने वाले समय में जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 22 जून को शिमला में होने वाली रैली में क्षेत्र के सभी मिड-डे मील वर्कर्स हिस्सा लेंगे। बैठक में केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों पर नाराजगी जताते हुए कहा गया कि मिड-डे मील वर्कर्स के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि शिमला हाईकोर्ट का फैसले आने के बावजूद राज्य सरकार द्वारा मिड-डे मील वर्कर्स को 12 महीने का वेतन देने के मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर मामले को लंबित रखने का प्रयास किया जा रहा है। यूनियन नेताओं का आरोप है कि सरकारें न्यायालय के निर्णयों को लागू करने में गंभीरता नहीं दिखा रही हैं। यूनियन ने घोषणा की कि मांगों के समर्थन में 22 जून को मि मील वर्कर्स स्कूलों में भोजन नहीं बनाएंगे और शिमला रैली में शामिल होकर आवाज बुलंद करेंगे।

बैठक में मिड-डे मील वर्कर्स की प्रमुख मांगों को भी दोहराया गया। इनमें हरियाणा सरकार की तर्ज पर 7,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय, हाईकोर्ट के फैसले के अनुरूप 10 माह के स्थान पर 12 माह का वेतन, ग्रेच्युटी, कर्मचारी मुआवजा अधिनियम, ईपीएफ और ईएसआइ के दायरे में शामिल करना, नौकरी से संबंधित 25 बच्चों की शर्त समाप्त करना, केंद्रीय किचन क्लस्टर योजना, ठेकेदारी व्यवस्था और एनजीओ को काम सौंपने के फैसले को वापस लेना, प्रत्येक माह की पहली तारीख को वेतन भुगतान सुनिश्चित करना तथा बंद या मर्ज किए जा रहे स्कूलों के मिड-डे मील वर्कर्स को अन्य विद्यालयों में समायोजित करना शामिल हैं। यूनियन की प्रधान श्याम शर्मा तथा ब्लाक के प्रधान प्रेम सिंह ने सभी वर्कर्स से 22 जून को शिमला पहुंचकर रैली को आह्वान किया । बैठक में कुल्लू ब्लॉक सचिव रेखा,सुरेश कुमार,मीरा ठाकुर,प्रेम लता, ओमना, रोहणी, लीला देवी,केसरी देवी, शोभा देवी, यशोदा देवी,रेशमा,सपना, कली देवी, भगवतू देवी आदि ने हिस्सा लिया।

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