
1 नवंबर, 2026 | खबर अभी-अभी | मंडी

हिमाचल प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना अनाथ एवं बेसहारा बच्चों के जीवन में नई उम्मीद जगा रही है। योजना के माध्यम से बच्चों को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार, आवास और विवाह के लिए भी सहयोग प्रदान किया जा रहा है। मंडी जिला में वित्तीय वर्ष 2023-24 से लेकर 30 सितंबर, 2026 तक इस योजना के तहत 12 करोड़ 94 लाख 74 हजार 392 रुपये खर्च कर 791 अनाथ एवं अर्ध-अनाथ बच्चों को लाभान्वित किया गया है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने अनाथ बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना शुरू की है। इसका उद्देश्य बच्चों को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के अवसर उपलब्ध करवाना है।
प्रतिमाह आर्थिक सहायता और त्योहारों पर उत्सव भत्ता
योजना के तहत पूर्ण अनाथ बच्चों को प्रतिमाह 4,000 रुपये सामाजिक सुरक्षा राशि प्रदान की जा रही है। वहीं, बाल एवं बालिका देखभाल संस्थानों में रहने वाले बच्चों को निर्धारित श्रेणियों के अनुसार 1,000 और 2,500 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। मंडी जिला में सामाजिक सुरक्षा के लिए 6.53 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त पोषण अनुदान के रूप में लगभग 51 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं। संस्थानों में रहने वाले बच्चों को दीपावली सहित अन्य त्योहार मनाने के लिए प्रति बच्चा, प्रति त्योहार 500 रुपये उत्सव भत्ता भी दिया जाता है। इस मद में जिला में 33 लाख रुपये से अधिक वितरित किए गए हैं।
उच्च शिक्षा और स्वरोजगार के लिए विशेष सहायता
योजना के तहत बच्चों की उच्च शिक्षा और कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मंडी जिला में 72 पूर्ण अनाथ बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए लगभग 36 लाख रुपये तथा 50 बच्चों को व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए 26 लाख रुपये से अधिक की सहायता दी गई है।
इसके अलावा 23 बच्चों को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 42.46 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं। योजना के तहत ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा प्राप्त बच्चों को एक्सपोजर विजिट के माध्यम से विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण भी करवाया जाता है। हाल ही में जिला के बच्चों के एक दल ने बाघा बॉर्डर सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा किया।
65 को विवाह और 108 लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए अनुदान
मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों पर आर्थिक सहयोग भी दिया जा रहा है। मंडी जिला में 65 लाभार्थियों को विवाह अनुदान के रूप में 1.29 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। वहीं, 108 पात्र लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए 2.10 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
कनैड क्षेत्र के गौरव ने गृह निर्माण और विवाह के लिए तथा सरकाघाट क्षेत्र के साहिल ने मकान निर्माण के लिए अनुदान मिलने पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया है।
तीन भूमिहीन लाभार्थियों को मिली दो-दो बिस्वा जमीन
योजना के तहत पूर्ण अनाथ बच्चों को भूमि आवंटन का भी प्रावधान किया गया है। मंडी जिला में तीन भूमिहीन लाभार्थियों को दो-दो बिस्वा भूमि उपलब्ध करवाई गई है, ताकि वे अपना घर बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि मंडी जिला में मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। पात्र बच्चों की पहचान और नियमित निगरानी के माध्यम से योजना का लाभ उन तक पहुंचाया जा रहा है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य अनाथ बच्चों को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, कौशल विकास, आवास और आजीविका के अवसर उपलब्ध करवाकर आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे भविष्य में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें।





