
1 नवंबर, 2026 | खबर अभी-अभी | जुब्बल/शिमला

हिमाचल प्रदेश के जुब्बल क्षेत्र के शराचली निवासी अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल कोच सतीश शर्मा ने खेल जगत में प्रदेश का नाम रोशन किया है। खेलों के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें प्रतिष्ठित ‘हिम रत्न-2026’ सम्मान से नवाजा गया है। उन्हें प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ कोच भी चुना गया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और खेल मंत्री यादविंद्र गोमा ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धियों को देखते हुए तीन लाख रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा भी की।
सतीश शर्मा ने अपने लंबे अनुभव, कड़ी मेहनत और समर्पण से वॉलीबॉल के क्षेत्र में विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने अपने प्रशिक्षण और मार्गदर्शन से अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
युवा खिलाड़ियों को तराशने में अहम योगदान
सतीश शर्मा की कोचिंग का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और युवा प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और सही दिशा प्रदान करना रहा है। उनके मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने वॉलीबॉल की तकनीकी बारीकियों के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और संघर्ष की भावना भी सीखी है।
खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने और खेल के प्रति उनकी प्रतिभा को निखारने में सतीश शर्मा का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। उनकी इस उपलब्धि से जुब्बल क्षेत्र सहित प्रदेश के खेल जगत में खुशी का माहौल है।
खेल विभाग और कोच संघ ने दी बधाई
सतीश शर्मा को इस उपलब्धि पर युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के निदेशक शिवम प्रताप सिंह, अतिरिक्त निदेशक गौरव महाजन, विभिन्न जिलों के जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारियों तथा हिमाचल प्रदेश कोच संघ ने बधाई दी है।
उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि सतीश शर्मा की सफलता युवा खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
‘हिम रत्न-2026’ सम्मान सतीश शर्मा की वर्षों की मेहनत, लगन और खेलों के प्रति समर्पण को मिली बड़ी पहचान है। उनकी उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और निरंतर प्रयास से खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल की जा सकती हैं।





