आनी महाविद्यालय में ‘महिला सशक्तिकरण : साहित्य और समाज’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित

17 अक्टूबर, 2026 | खबर अभी-अभी | आनी

जीआर भारद्वाज, पत्रकार। राजकीय महाविद्यालय आनी की साहित्य परिषद, हिंदी परिषद और महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में ‘महिला सशक्तिकरण : साहित्य और समाज’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के हिंदी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. सुनीता ठाकुर ने रिसोर्स पर्सन के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित किया।

डॉ. सुनीता ठाकुर ने साहित्य में महिलाओं के चित्रण, उनकी सामाजिक स्थिति, संघर्ष, आत्मनिर्भरता और अधिकारों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज की परिस्थितियों, विचारों और बदलावों को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। हिंदी साहित्य में महिला पात्रों के माध्यम से महिलाओं के संघर्ष और सामाजिक चुनौतियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ केवल शिक्षा और रोजगार के अवसर देना नहीं, बल्कि महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान, स्वतंत्रता और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करना भी है। लैंगिक समानता स्थापित करने के लिए महिलाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना आवश्यक है।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दायक राम ठाकुर ने विद्यार्थियों को साहित्य के माध्यम से सामाजिक चेतना विकसित करने और महिला सशक्तिकरण की दिशा में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। व्याख्यान के अंत में विद्यार्थियों ने विषय से संबंधित प्रश्न पूछे और चर्चा में भाग लिया।

इस अवसर पर प्रो. नरेंद्र पॉल, डॉ. संगीता नेगी, प्रो. वर्षा वर्मा, डॉ. निर्मल सिंह, डॉ. पुष्पा गुलेरिया, प्रो. पम्पी घामटा सहित महाविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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